Chaiti Chhath Puja: चैती छठ महापर्व का चार दिवसीय अनुष्ठान नहाय-खाय के साथ शुरू हो गया है। छठ व्रत के पहले दिन व्रतियों ने गंगा स्नान कर पारंपरिक रूप से अरवा चावल, चना दाल और कद्दू की सब्जी ग्रहण की। आज खरना के साथ व्रती 36 घंटे के निर्जला उपवास का संकल्प लेंगी।
आचार्य राकेश झा के अनुसार, चैत्र शुक्ल पंचमी को कृत्तिका नक्षत्र और सर्वार्थ सिद्धि योग में व्रती दिनभर निराहार रहकर संध्या में खरना पूजा कर प्रसाद ग्रहण करेंगे। इसके बाद चैत्र शुक्ल षष्ठी, मंगलवार को रोहिणी नक्षत्र और प्रीति योग में अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया जाएगा। महापर्व के अंतिम दिन आयुष्मान योग में उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देकर व्रती पारण के साथ अनुष्ठान का समापन करेंगे।
इधर, पटना जिला प्रशासन ने छठ व्रत की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। पटना के छठ घाटों पर लाइटिंग के साथ साथ सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। व्रतियों को किसी तरह की कोई परेशानी नहीं हो इसका पूरा ख्याल रखा जा रहा है। घाटों की बैरिकेडिंग की गई है। इसके साथ ही साथ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की गई है।
वहीं पटना के बेउर जेल में भी चैती छठ महापर्व को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस बार 12 महिलाओं सहित कुल 22 कैदियों ने व्रत रखा है, जिनमें एक मंगलामुखी भी शामिल है। जेल प्रशासन द्वारा कारा स्थित तालाब को रंगीन लाइटों से सजाया गया है। सभी छठ व्रतियों को फल-फूल, पूजन सामग्री एवं नए वस्त्र उपलब्ध कराए गए हैं।

