Bihar Politics: विकासशील इंसान पार्टी के संस्थापक और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश साहनी ने बिहार में 'पीक आवर' बिजली महंगी करने के फैसले की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने के लिए एनडीए ने 125 यूनिट फ्री बिजली का झुनझुना थमाया था और अब पीक आवर के नाम पर फिर से बिजली महंगी कर दी गई।
उन्होंने कहा कि अब बिहार में शाम 11 बजे तक सर्वाधिक खपत वाले 6 घंटे बिजली बिल 8.10 रुपये प्रति यूनिट, रात्रि 11 बजे से सुबह के 9 बजे तक यानी 10 घंटे तक 7.10 रुपये और फिर शेष 8 घंटे 5.94 रुपये प्रति यूनिट जनता की जेब से वसूलेंगे।
मुकेश सहनी ने कहा कि एनडीए को जनता से नहीं, सत्ता सुख से मतलब है। यही कारण है कि चुनाव जीतने के बाद भाजपा अपने असली रंग में आ गई हैं। उन्होंने कहा कि एक ओर रसोई गैस की किल्लत और उस पर बिजली महंगी जनता पर दोहरी मार है।
उन्होंने कहा कि जिस तरह एनडीए ने पिछले चुनाव को जीतने के लिए सभी परंपराओं को ताक पर रख दिया था और लोकलाज छोड़कर सत्ता पाई है उसका खामियाजा अब जनता को उठाना पड़ रहा है। सरकार का खजाना खाली हो गया है और अब जनता पर बोझ बढ़ाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि बिहार सरकार को पेट्रोल और डीजल पर कर कम करनी चाहिए थी, जिससे जनता को कम मूल्य पर पेट्रोलियम पदार्थ मिल सके, लेकिन उल्टे बिजली महंगी की जा रही है। वीआईपी चीफ ने कहा कि मार्च महीने में ही गर्मी पड़ने लगी है। पूरे बिहार में बिजली की कटौती भी शुरू हो गई। शाम में बिजली की कीमत बढ़ाई जाती है तो मुफ्त बिजली देने के फैसले का कोई औचित्य नहीं रह जाता है।
