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‘ममता और अभिषेक बनर्जी को नजरबंद करे सरकार’, मंत्री संतोष कुमार सुमन की केंद्र सरकार से मांग

Bihar Politics: बिहार सरकार के मंत्री संतोष कुमार सुमन ने पश्चिम बंगाल की स्थिति पर चिंता जताते हुए ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी को नजरबंद कर जांच की मांग की है। उन्होंने राज्य में राजनीतिक हिंसा और भ्रष्टाचार पर गंभीर आरोप लगाए।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated May 08, 2026, 6:29:16 PM

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Bihar Politics: हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (सेकुलर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं बिहार सरकार के मंत्री डॉ संतोष कुमार सुमन ने पश्चिम बंगाल की मौजूदा स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य में लंबे समय से राजनीतिक हिंसा, भ्रष्टाचार और संरक्षण प्राप्त माफिया तंत्र का माहौल बना हुआ है, जिसने लोकतांत्रिक व्यवस्था और संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने का काम किया है।


उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता भय, अराजकता और राजनीतिक प्रताड़ना से त्रस्त रही है। ऐसे में केंद्र सरकार को कठोर एवं निर्णायक कदम उठाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी को नजरबंद कर उनके कथित नेटवर्क, राजनीतिक संरक्षण प्राप्त तंत्र तथा सीमा पार संबंधों की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए।


डॉ. संतोष कुमार सुमन ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में ममता बनर्जी का इस्तीफा नहीं देना एक असाधारण मामला है, जो लोकतांत्रिक मर्यादाओं और संवैधानिक भावना के विपरीत दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि सत्ता से चिपके रहने की ऐसी मानसिकता लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है। लोकतंत्र में जवाबदेही सर्वोपरि होती है और जनता के विश्वास पर आघात पहुँचने के बाद नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करना आवश्यक होता है।


उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में संवेदना जनता के प्रति होनी चाहिए, न कि सत्ता के संरक्षण में पल रहे भ्रष्ट और हिंसक तंत्र के प्रति। अब समय आ गया है कि बंगाल में कानून का राज स्थापित हो और दोषियों को कानून के दायरे में लाया जाए।


डॉ. संतोष कुमार सुमन ने कहा कि कथित राजनीतिक-माफिया गठजोड़ और अंतरराष्ट्रीय सरगनाओं से जुड़े मामलों की गहन जांच राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी बेहद आवश्यक है। किसी भी व्यक्ति या परिवार को कानून से ऊपर नहीं माना जा सकता। उन्होंने विश्वास जताया कि बंगाल की जनता अब भय और हिंसा की राजनीति नहीं, बल्कि सुशासन, पारदर्शिता और विकास चाहती है। केंद्र सरकार को जनता की भावना का सम्मान करते हुए निर्णायक कार्रवाई करनी चाहिए।