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CM सम्राट टेंशन करेंगे दूर: आपका केस DC-AC-DCLR और CO कोर्ट में है 'लंबित' तो तुरंत होगा निबटारा, सहयोग शिविर में ही अधिकारी देंगे जानकारी...

आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान को लेकर सम्राट चौधरी सरकार ने सख्त निर्देश जारी किए हैं. 30 दिनों के भीतर शिकायतों का निपटारा नहीं होने पर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर निलंबन व अनुशासनिक कार्रवाई होगी.

1st Bihar Published by: Viveka Nand Updated May 25, 2026, 2:51:45 PM

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Bihar News: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आम जनता की समस्य़ाओं के समाधान को लेकर बड़ी पहल की है.अगर यह पहल सफल हुई तो समाज में अमन-चौन और शांति आयेगी,लोगों की समस्या का समाधान एक झटके में हो जाएगा. सरकार के इस अभियान को सफल बनाने को लेकर लगातार गाइड लाइन जारी किए जा रहे हैं. अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए जा रहे हैं. 

सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी.राजेन्दर ने सहयोग शिविर को लेकर अतिरिक्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं. इस संबंध में सभी विभागों के सचिव,कमिश्ननर, जिलाधिकारी और एसपी को पत्र लिखा है. सरकार ने कहा है कि राजस्व न्यायालय में लंबित मामलों के निपटारे की गति बहुत धीमी है. ऐसे में सभी जिलों के समाहर्ता, अपर समाहर्ता, भूमि सुधार उप समाहर्ता और अंचल अधिकारी के राजस्व न्यायालय में जितने मामले लंबित हैं, उनकी समीक्षा करें. जिन पंचायत में आगामी शिविर प्रस्तावित है, उन पंचायतों के मामले की लगातार सुनवाई कर निष्पादन शिविर लगने की तिथि से पहले कर लें. ताकि शिविर के दिन संबंधित पक्षों को इसकी सूचना दी जा सके.

सरकार ने यह भी कहा है कि शिविर में जिले के सभी सांसद, विधायक तथा जिला एवं प्रखंड बीस सूत्री के सदस्यों को भी आमंत्रित करें. जिलाधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि आवेदनों का निपटारा सही तरीके से हो . जिन मामलों में अपेक्षित कार्रवाई के बिना निस्तारण की गई है, वैसे पदाधिकारी पर समीक्षा के बाद अनुशासनिक कार्रवाई करने की अनुशंसा करें. 

जिलाधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे की गोपनीय शाखा से फोन कर कुछ आवेदकों से यह प्रतिक्रिया लें की उनके मामलों का सही रूप से निपटारा हुआ या नहीं . जिन मामलों में आवेदक की शिकायत मिलती है, उसकी समीक्षा कर सही निष्पादन करें. साथ ही दोषी पदाधिकारी पर कार्रवाई की अनुशंसा करें . आवेदन प्राप्ति के 30 दिनों में मामले का निपटारा नहीं होने पर प्रखंड स्तर पर जिम्मेदार पदाधिकारी के खिलाफ निलंबन एवं अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी. साथ ही प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी के कार्य निष्पादन में सहयोग के लिए जिम्मेदार नीचे की इकाई के कर्मियों के खिलाफ भी निलंबन एवं अनुशासनिक कार्रवाई होगी.