ब्रेकिंग
Bihar News: अंचलाधिकारियों की हड़ताल के बीच पटना के 11 अंचलों में नए CO की प्रतिनियुक्ति,लिस्ट देखें...मुजफ्फरपुर कांग्रेस में ‘दो’ जिलाध्यक्ष? आलाकमान की सूची ने बढ़ाया कन्फ्यूजन, चर्चाओं का बाजार गर्मपटना में नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 128 नशीले इंजेक्शन के साथ 2 गिरफ्तारमुजफ्फरपुर सब्जी मंडी में युवती की गोली मारकर हत्या, प्रेम-प्रसंग में मर्डर की आशंका बिहार सरकार की सख्ती का असर: काम पर लौटे 30 परीक्ष्यमान राजस्व अधिकारी, बाकी 31 के लिए डेडलाइन तय; क्या बोले डिप्टी सीएम विजय सिन्हा?Bihar News: अंचलाधिकारियों की हड़ताल के बीच पटना के 11 अंचलों में नए CO की प्रतिनियुक्ति,लिस्ट देखें...मुजफ्फरपुर कांग्रेस में ‘दो’ जिलाध्यक्ष? आलाकमान की सूची ने बढ़ाया कन्फ्यूजन, चर्चाओं का बाजार गर्मपटना में नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 128 नशीले इंजेक्शन के साथ 2 गिरफ्तारमुजफ्फरपुर सब्जी मंडी में युवती की गोली मारकर हत्या, प्रेम-प्रसंग में मर्डर की आशंका बिहार सरकार की सख्ती का असर: काम पर लौटे 30 परीक्ष्यमान राजस्व अधिकारी, बाकी 31 के लिए डेडलाइन तय; क्या बोले डिप्टी सीएम विजय सिन्हा?

दिल्ली चुनाव में केजरीवाल को क्यों मिली हार? प्रशांत किशोर ने बताई वजह

Prashant Kishore on AAP defeat: प्रशांत किशोर ने दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी की हार की वजह बताई है। उन्होंने कहा कि जमानत मिलने के बाद और चुनाव से पहले किसी और को मुख्यमंत्री बनाना उनके लिए एक बड़ी रणनीतिक भूल साबित हुई।

Prashant Kishore on AAP defeat
प्रशांत किशोर ने केजरीवाल के हार की बताई वजह
© google
Khushboo GuptaKhushboo Gupta|
|AMP
विज्ञापन — Rectangle

Prashant Kishore on AAP defeat: जन सुराज पार्टी के प्रमुख और चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने हाल ही में खत्म हुए दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी की हार पर प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा है कि शराब नीति मामले में जमानत मिलने के बाद अरविंद केजरीवाल का मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना एक बड़ी गलती थी, जिसकी पार्टी को भारी कीमत चुकानी पड़ी। प्रशांत किशोर ने कहा कि आम आदमी पार्टी की हार की सबसे बड़ी वजह 10 साल की एंटी-इनकंबेंसी थी। दूसरी और शायद सबसे बड़ी गलती थी केजरीवाल का इस्तीफा। उन्होंने कहा कि दरअसल केजरीवाल को तब इस्तीफा देना चाहिए था, जब उन्हें शराब नीति मामले में गिरफ्तार किया गया था, लेकिन जमानत मिलने के बाद और चुनाव से पहले किसी और को मुख्यमंत्री बनाना उनके लिए एक बड़ी रणनीतिक भूल साबित हुई।


प्रशांत किशोर ने मतदाताओं के मोहभंग के प्रमुख कारण के रूप में केजरीवाल के असंगत राजनीतिक फैसलों को भी उजागर किया। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन के साथ जुड़ना और फिर उससे बाहर निकलने के फैसले ने भी उनकी विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाया। इसके अलावा, हाल के सालों में उनका शासन कमजोर रहा है। जन सुराज प्रमुख ने आप की चुनावी हार के पीछे एक और महत्वपूर्ण कारक के रूप में शासन की विफलताओं, विशेष रूप से पिछले मानसून के दौरान निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की समस्याओं की ओर इशारा किया। उन्होंने कहा कि लोगों, विशेषकर झुग्गियों में रहने वाले लोगों द्वारा सहन की गई कठिनाइयों ने प्रशासन की खामियों को उजागर किया और केजरीवाल के शासन मॉडल को काफी कमजोर कर दिया।


प्रशांत किशोर ने सुझाव दिया कि यह केजरीवाल के लिए दिल्ली से परे ध्यान केंद्रित करने का एक अवसर भी हो सकता है। प्रशांत किशोर ने कहा कि, स्थिति के दो पहलू हैं। हालांकि AAP के लिए दिल्ली में राजनीतिक प्रभुत्व हासिल करना बेहद मुश्किल होगा, केजरीवाल अब शासन कर्तव्यों से मुक्त हैं। वह इस बार गुजरात जैसे अन्य राज्यों में पार्टी की उपस्थिति को मजबूत करने के लिए लाभ उठा सकते हैं, जहां AAP ने पिछले चुनावों में अच्छा प्रदर्शन किया था।

इस खबर के बारे में
Khushboo Gupta

रिपोर्टर / लेखक

Khushboo Gupta

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

विज्ञापन

संबंधित खबरें