Bihar Politics: मतदाता विशेष गहण पुनरीक्षण कार्य का जेडीयू नेताओं का विरोध एनडीए में नए तनाव लेकर आया है. बीजेपी ने जेडीयू सांसद और विधायक के बयान का विरोध किया है. जेडीयू नेताओं को गलतफहमी का शिकार बता दिया है. साथ ही जेडीयू को अपने नेताओं को वास्तविक स्थिती से अवगत कराने की नसीहत भी दे डाली है.
बीजेपी ने जेडीयू को क्या दी सलाह
एसआईआर के मुद्दे पर जेडीयू नेताओं के विरोध बीजेपी एक्टिव हो गयी है. दोनों के बीच विवाद बढ इससे पहले बीजेपी ने जेडीयू को बडी सलाह दे डाली है. बीजेपी प्रवक्ता प्रभाकर मिश्रा ने कहा है कि एसआईआर का विरोध विपक्ष की अपनी मजबूरी है. फर्जीवारा का खुलासा हुआ है और जाली लोगों का नाम मतदाता सूची से काटा गया है. चुनाव आयोग की पहल का सबने स्वागत किया है लेकिन खासतौर पर आरजेडी और कांग्रस इसके विरोध में हैं. आरजेडी और कांग्रेस फर्जी वोटरों के जरिए चुनावी नैया पार करना चाहती है. चुनाव आयोग के फैसले से विपक्षी दलों को अपनी धरती खिसकती नजर आ रही है. इसलिए काले कारनामों को ढकने के लिए काले कपडे पहनकर नौटंकी कर रहे हैं. बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि जेडीयू नेता गलतफहमी के शिकार हो गए हैं. जेडीयू उन्हें वास्तविक स्थिती से अवगत कराएंगी. हलांकि ये उनका आंतरिक मामला है. एनडीए में चट्टानी एकता है और यही एकता एनडीए को प्रचंड बहुमत दिलाएगी.
गिरिधारी और संजीव ने क्या कहा था
जेडीयू सांसद गिरिधारी यादव ने सर प्रक्रिया को चुनाव आयोग का तानाशाही रवैया बताया था. गिरिधारी यादव ने कहा था कि चुनाव आयोग को बिहार के भूगोल और जमीनी स्थिती की जानकारी नहीं हैं. ये उनका निजी विचार है. पार्टी के साथ वो तब हैं जब सदन में वोट करने जाते हैं. सच बोलने से अगर वो परहेज करेंगे तो फिर एमपी क्यों बने. उनका बेटा विदेश में है कैसे आकर साईन करेगा. चुनाव आयोग को अगर सर्वे कराना ही था तो 6 महीने पहले कराता. वहीं जेडीयू विधायक डॉ संजीव ने भी सर के मुद्दे पर विपक्ष के साथ होने का दावा किया था. एक एक कर जेडीयू में सर के मुद्दे पर उठते विरोध को देखते हुए बीजेपी ने जेडीयू को सलाह दे डाली है.

