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CBSE ने मैथिली को मातृभाषा विषय के रूप में दी मान्यता, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पीएम मोदी का जताया आभार

Bihar News: CBSE ने कक्षा 1 से माध्यमिक स्तर तक मैथिली को मातृभाषा विषय के रूप में मान्यता दी। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इसे ऐतिहासिक फैसला बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated May 25, 2026, 12:11:03 PM

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मिथिला के लिए गौरव - फ़ोटो Google

Bihar News: बिहार को बड़ी उपलब्धि मिली है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने मैथिली भाषा को मातृभाषा विषय के रूप में मान्यता दे दी है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के पाठ्यक्रम में कक्षा 1 से माध्यमिक स्तर तक मैथिली भाषा को मातृभाषा विषय के रूप में मान्यता दी गई है। सीएम सम्राट चौधरी ने इसके लिए पीए मोदी का आभार जताया है।


केंद्रीय शिक्षा राज्यमंत्री जयंत चौधरी ने सांसद गोपालजी ठाकुर को जानकारी दी है कि CBSE पाठ्यक्रम में कक्षा 1 से 8वीं तक मैथिली भाषा को मातृभाषा विषय के रूप में मान्यता प्रदान कर दी गई है। यह निर्णय राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) की अनुशंसाओं के अनुरूप लिया गया है।


मंत्री जयंत चौधरी ने अपने पत्र में बताया कि राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) मैथिली सहित संविधान की 22 अनुसूचित भाषाओं में पाठ्यपुस्तकों का अनुवाद कर रही है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत कक्षा 5 तक तथा यथासंभव कक्षा 8 तक विद्यार्थियों को मातृभाषा में शिक्षा देने की व्यवस्था की जा रही है।


केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से कक्षा 1 से माध्यमिक स्तर यानी कक्षा 10 तक मैथिली भाषा को ‘मातृभाषा’ विषय के रूप में शामिल करने और मान्यता देने का फैसला किया है। इस फैसले से मिथिला क्षेत्र सहित देशभर के मैथिली भाषी छात्रों को अपनी भाषा, संस्कृति और परंपरा से जुड़ने का बेहतर अवसर मिलेगा। साथ ही विद्यार्थियों को प्रारंभिक शिक्षा अपनी मातृभाषा में प्राप्त करने में भी सुविधा होगी।


शिक्षा मंत्रालय और CBSE का यह कदम भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देने और क्षेत्रीय भाषाई विरासत को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है। इससे मैथिली भाषा को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान और सम्मान मिलने की उम्मीद है।


मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक्स पर लिखा, “मिथिला की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और मातृभाषा मैथिली को शिक्षा व्यवस्था में सशक्त स्थान दिलाने की दिशा में लिया गया यह निर्णय ऐतिहासिक एवं अत्यंत स्वागतयोग्य है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के पाठ्यक्रम में कक्षा 1 से माध्यमिक स्तर तक मैथिली भाषा को मातृभाषा विषय के रूप में मान्यता मिलना मिथिला की सांस्कृतिक अस्मिता और भाषाई गौरव के लिए गर्व का विषय है।


आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारतीय भाषाओं, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन को निरंतर नई मजबूती मिल रही है। यह निर्णय न केवल मैथिली भाषा को नई पहचान और सम्मान देगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को अपनी मातृभाषा, संस्कृति और जड़ों से जोड़ने का सशक्त माध्यम भी बनेगा”।