1st Bihar Published by: RAKESH KUMAR Updated May 25, 2026, 10:46:03 AM
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Bihar Road Accident : बिहार में तेज रफ्तार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। आए दिन हो रहे सड़क हादसे लोगों की जान ले रहे हैं। ताजा मामला भोजपुर जिले के आरा शहर से सामने आया है, जहां एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में स्पेशल ब्रांच के एक एएसआई की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी और मातम का माहौल कायम हो गया। घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और स्कूल वाहनों की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान 43 वर्षीय राजीव रंजन सिंह उर्फ गोल्डी सिंह के रूप में हुई है। वे भोजपुर जिले के अयर थाना क्षेत्र के बालिगांव गांव के रहने वाले थे और बिहार पुलिस की स्पेशल ब्रांच में एएसआई के पद पर कार्यरत थे। बताया जा रहा है कि सोमवार की सुबह वे अपने गांव से पटना ड्यूटी के लिए निकले थे। इसी दौरान आरा शहर स्थित तपेश्वर सिंह हिंदू महिला कॉलेज के समीप एक तेज रफ्तार स्कूल बस ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसा इतना भयावह था कि टक्कर लगते ही राजीव रंजन सिंह सड़क पर दूर जा गिरे और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। दुर्घटना के बाद वहां लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।
घटना में शामिल बस माउंट लिट्रा स्कूल की बताई जा रही है। हादसे के बाद बस चालक मौके से भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन लोगों के आक्रोश को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बस को जब्त कर लिया। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है। यह पता लगाया जा रहा है कि हादसा तेज रफ्तार, चालक की लापरवाही या किसी तकनीकी खराबी की वजह से हुआ।
इस दर्दनाक घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली। लोगों का कहना है कि स्कूल बस चालकों को बच्चों की सुरक्षा की सबसे बड़ी जिम्मेदारी दी जाती है, लेकिन अगर वही यातायात नियमों की अनदेखी करेंगे तो आम लोगों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी। लोगों ने प्रशासन से स्कूल वाहनों की नियमित जांच और लापरवाह चालकों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
वहीं हादसे की खबर मिलते ही मृतक के परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी शोक का माहौल बना हुआ है। राजीव रंजन सिंह अपने व्यवहार और कर्तव्यनिष्ठा के लिए इलाके में काफी सम्मानित माने जाते थे। उनके अचानक निधन से पुलिस महकमे में भी शोक की लहर दौड़ गई है।
इधर बिहार में लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों को देखते हुए राज्य सरकार भी सतर्क नजर आ रही है। हाल ही में बिहार सरकार ने सामूहिक सड़क दुर्घटनाओं को दोबारा विशेष स्थानीय आपदा की श्रेणी में शामिल किया है। सरकार का कहना है कि इस फैसले का उद्देश्य सड़क हादसों में प्रभावित परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। इससे पहले वर्ष 2015 में भी ऐसी व्यवस्था लागू थी, जिसे बाद में बदल दिया गया था।
फिलहाल आरा में हुई यह घटना एक बार फिर सड़क सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल रही है। खासकर स्कूल वाहनों की निगरानी, ट्रैफिक नियमों के पालन और तेज रफ्तार पर नियंत्रण को लेकर प्रशासन की जिम्मेदारी पर सवाल उठ रहे हैं। अब देखना होगा कि इस मामले में दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।