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Bihar News: सप्ताह में एक दिन 'नो व्हीकल डे', CM सम्राट ने बिहारवासियों से किया बड़ा आह्वान, वर्क फ्रॉम होम को लेकर क्या कहा....?

Bihar News: खाड़ी देशों में तनाव बढ़ने के बीच ईंधन आपूर्ति पर असर की आशंका को देखते हुए बिहार सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने के लिए कई नए निर्देश जारी किए हैं। सरकारी वाहनों से लेकर आम लोगों तक..

1st Bihar Published by: First Bihar Updated May 13, 2026, 1:20:27 PM

Bihar News: सप्ताह में एक दिन 'नो व्हीकल डे', CM सम्राट ने बिहारवासियों से किया बड़ा आह्वान, वर्क फ्रॉम होम को लेकर क्या कहा....?

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Bihar News: खाड़ी देशों में जारी युद्ध और तनाव का असर अब भारत में भी दिखने लगा है। आयात-निर्यात प्रभावित होने से पेट्रोल-डीजल समेत कई जरूरी चीजों की सप्लाई और कीमतों को लेकर चिंता बढ़ गई है। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से ईंधन की बचत करने और वाहनों का कम इस्तेमाल करने की अपील की है। प्रधानमंत्री की इस अपील के बाद बिहार सरकार भी पूरी तरह सक्रिय हो गई है।


बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य में डीजल और पेट्रोल की खपत कम करने के लिए कई बड़े फैसले लिए हैं। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ट्वीट कर इन फैसलों की जानकारी साझा की। सरकार का कहना है कि मौजूदा वैश्विक हालात को देखते हुए ऊर्जा बचत और संसाधनों का सही इस्तेमाल बेहद जरूरी हो गया है।


मुख्यमंत्री ने सबसे पहले अपने सरकारी काफिले यानी मुख्यमंत्री कारकेड में वाहनों की संख्या कम करने का फैसला लिया है। इसके साथ ही मंत्रियों, निगम बोर्ड के अध्यक्षों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से भी अपील की गई है कि वे सार्वजनिक कार्यक्रमों में अतिरिक्त वाहनों का इस्तेमाल न करें।


राज्य सरकार ने आम जनता से भी अपील की है कि निजी वाहनों के बजाय मेट्रो, बस, ऑटो और अन्य पब्लिक ट्रांसपोर्ट का अधिक उपयोग करें। सरकार का मानना है कि इससे ईंधन की बचत होगी और ट्रैफिक दबाव भी कम होगा।


इसके अलावा बिहार सरकार ने सभी सरकारी विभागों को निर्देश दिया है कि जहां संभव हो, बैठकों और कॉन्फ्रेंस का आयोजन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए किया जाए। इससे अनावश्यक यात्रा कम होगी और समय के साथ ईंधन की भी बचत होगी।


सरकार ने सरकारी कार्यालयों में संचालित कैंटीनों को भी निर्देश दिया है कि खाने में पाम ऑयल का कम से कम इस्तेमाल किया जाए। वहीं सरकारी और निजी दफ्तरों में “वर्क फ्रॉम होम” संस्कृति को बढ़ावा देने की सलाह दी गई है, ताकि रोजाना होने वाली आवाजाही को कम किया जा सके।


मुख्यमंत्री ने राज्य के लोगों से सप्ताह में एक दिन “नो व्हीकल डे” मनाने की भी अपील की है। सरकार का कहना है कि यदि लोग एक दिन निजी वाहन का उपयोग बंद कर दें, तो बड़ी मात्रा में पेट्रोल और डीजल की बचत हो सकती है।


सरकार के इन फैसलों को मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात को देखते हुए एक एहतियाती कदम माना जा रहा है। आने वाले दिनों में यदि खाड़ी देशों में हालात और बिगड़ते हैं, तो इसका असर भारत की अर्थव्यवस्था और ईंधन आपूर्ति पर भी पड़ सकता है। ऐसे में केंद्र और राज्य सरकारें अभी से बचाव और संसाधनों के सही उपयोग पर जोर दे रही हैं।