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बिहार पंचायत चुनाव 2026: निर्वाचन क्षेत्र के प्रारूप प्रकाशन की नई तिथि घोषित, इस दिन से शुरू होगी प्रक्रिया

Bihar Panchayat Chunav 2026: बिहार पंचायत चुनाव को लेकर निर्वाचन क्षेत्रों के प्रारूप प्रकाशन की नई तिथि तय कर दी गई है। अब 4 मई को सूची जारी होगी और 5 जून को अंतिम प्रकाशन किया जाएगा।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Apr 28, 2026, 8:01:04 AM

Bihar Panchayat Chunav 2026

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Bihar Panchayat Chunav 2026: राज्य निर्वाचन आयोग ने बिहार में होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत और ग्राम कचहरी चुनाव को लेकर निर्वाचन क्षेत्रों के प्रारूप प्रकाशन की तिथि में बदलाव किया है। अब निर्वाचन क्षेत्रों की सूची का प्रकाशन 4 मई को किया जाएगा। इसके बाद आम लोगों को 18 मई तक दावा और आपत्ति दर्ज कराने का अवसर मिलेगा। 


आयोग ने स्पष्ट किया है कि केवल 2011 की जनसंख्या के आधार पर ही दावे और आपत्तियां मान्य होंगी। प्राप्त आपत्तियों का निपटारा 22 मई तक किया जाएगा, जबकि प्रारूप सूची का अंतिम प्रकाशन 5 जून को होगा। वहीं, गजट प्रकाशन की तिथि 9 मई निर्धारित की गई है। इस संबंध में सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।


प्रारूप प्रकाशन में उन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जो अब नगर निकाय क्षेत्रों में शामिल हो चुके हैं। ऐसे स्थानों की जनसंख्या और वार्ड विवरण अलग से दर्शाया जाएगा, ताकि किसी तरह की भ्रम की स्थिति न बने। आयोग ने निर्देश दिया है कि प्रपत्र-1 में जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य, मुखिया, सरपंच, पंचायत सदस्य और पंच जैसे सभी पदों की विस्तृत जानकारी शामिल होगी। इसमें संबंधित क्षेत्र की जनसंख्या, पंचायत का नाम, वार्ड और अन्य विवरण स्पष्ट रूप से अंकित किए जाएंगे।


राज्य निर्वाचन आयोग ने कहा है कि इस बार पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से संचालित की जाएगी और सभी आंकड़े आयोग की वेबसाइट पर अपलोड किए जाएंगे। प्रारूप प्रकाशन के बाद आम जनता को आपत्ति दर्ज कराने का अवसर मिलेगा। साथ ही सूचना के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए हाट-बाजारों में ढोल-नगाड़ा बजाकर, अखबारों और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से जानकारी देने के निर्देश भी दिए गए हैं।


आपत्तियों की जांच के लिए अलग-अलग स्तर पर अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। पंचायत और पंचायत समिति स्तर पर प्रखंड विकास पदाधिकारी, जिला परिषद स्तर पर अनुमंडल पदाधिकारी और अपील के मामलों में जिला पदाधिकारी अंतिम निर्णय लेंगे। आयोग ने साफ किया है कि केवल जनसंख्या से संबंधित आपत्तियां ही स्वीकार की जाएंगी।