Hindi News / politics / बिहार BJP की नई प्रदेश कमेटी की घोषणा जल्द, महिलाओं की बढ़ेगी भागीदारी;...

बिहार BJP की नई प्रदेश कमेटी की घोषणा जल्द, महिलाओं की बढ़ेगी भागीदारी; फाइनल लिस्ट पर आलाकमान की मंजूरी का इंतजार

Bihar Politics: बिहार भाजपा की नई प्रदेश कमेटी जल्द घोषित हो सकती है। अध्यक्ष संजय सरावगी ने नामों को अंतिम रूप देकर सूची आलाकमान को भेज दी है, मंजूरी मिलते ही नई टीम का ऐलान होगा।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Apr 28, 2026, 7:32:21 AM

Bihar Politics

प्रतिकात्मक तस्वीर - फ़ोटो Google

Bihar Politics: बिहार भाजपा की नई प्रदेश कमेटी की घोषणा कभी भी हो सकती है। प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कमेटी में शामिल होने वाले नेताओं के नामों को अंतिम रूप दे दिया है और सूची पार्टी आलाकमान को भेज दी गई है। शीर्ष नेतृत्व से हरी झंडी मिलते ही प्रदेश पदाधिकारियों की औपचारिक घोषणा कर दी जाएगी। वर्तमान कमेटी का गठन पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और वर्तमान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के कार्यकाल में हुआ था।


लोकसभा चुनाव के बाद डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था, जिससे नई कमेटी बनने की उम्मीद जगी थी। हालांकि, विधानसभा चुनाव के बाद उनके मंत्रिमंडल में शामिल होने और “एक व्यक्ति, एक पद” सिद्धांत के कारण दिसंबर 2025 में संजय सरावगी को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। अब करीब चार महीने बाद सरावगी ने नई कमेटी गठन की प्रक्रिया पूरी कर ली है।


सूत्रों के मुताबिक, नई कमेटी में करीब तीन दर्जन नेताओं को जगह दी जाएगी। इन्हें उपाध्यक्ष, महासचिव, सचिव, कोषाध्यक्ष और कार्यालय प्रभारी जैसे पद दिए जाएंगे। पार्टी इस बार नए और अनुभवी चेहरों के संतुलन पर जोर दे रही है, ताकि अनुभव और ऊर्जा दोनों का लाभ मिल सके।


भाजपा युवाओं को अधिक अवसर देने के साथ-साथ नई नेतृत्व क्षमता विकसित करने पर भी ध्यान दे रही है। इसी कारण पार्टी के विभिन्न मोर्चों और प्रकोष्ठों में सक्रिय नेताओं को मुख्य कमेटी में शामिल किया जा सकता है। संभावना है कि इस बार पदाधिकारियों की संख्या पहले से कम रखी जाए। मुख्य कमेटी के साथ या उसके बाद प्रवक्ता, मीडिया पैनलिस्ट और मीडिया प्रभारी के नामों की भी घोषणा की जाएगी।


कमेटी गठन में सामाजिक संतुलन का भी विशेष ध्यान रखा जाएगा। पार्टी अपने कोर वोटर के साथ-साथ अन्य जाति, धर्म और वर्ग के प्रतिनिधित्व को भी सुनिश्चित करना चाहती है, ताकि व्यापक संदेश दिया जा सके। महिलाओं की भागीदारी भी बढ़ाने की योजना है, और कमेटी में लगभग एक-तिहाई महिलाओं को शामिल करने का प्रयास किया जाएगा।