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Bihar News: थैली लेने वाला थैली की बात कर रहा..? सुनकर भारी आश्चर्य हो रहा, संजय सिंह ने आनंद मोहन की हवा निकाल दी, कहा- वो तो जेडीयू में हैं ही नहीं....

पूर्व सांसद आनंद मोहन को उनकी ही बिरादरी के जेडीयू विधान पार्षद संजय सिंह ने करारा जवाब दिया है। संजय सिंह ने कहा कि जो लोग थैली लेते हैं वही थैली की बात करते हैं। उन्होंने आनंद मोहन पर पुत्र मोह में राजनीति करने का आरोप भी लगाया।

1st Bihar Published by: Viveka Nand Updated May 18, 2026, 4:15:36 PM

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Bihar News: पूर्व सांसद और बाहुबली नेता आनंद मोहन ने अपनी ही पार्टी जनता दल यूनाइटेड के शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. सीतामढ़ी में आयोजित एक कार्यक्रम के में आनंद मोहन ने कहा कि जेडीयू में थैली की राजनीति चल रही है, जो थैला लेकर गया सरकार में मंत्री बन गया. इतना ही उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को जीते जी दफन कर दिया गया. इसके बाद जेडीयू आक्रामक हो गई है. पार्टी के नेता एक साथ आनंद मोहन पर टूट पड़े हैं. 

जेडीयू के विधान पार्षद व आनंद मोहन की बिरादरी से आने वाले संजय सिंह ने बड़ा हमला बोला है. यूं कहें कि आनंद मोहन की हवा निकाल दी है. जेडीयू विधान पार्षद ने कहा कि जो थैली लेता हो, वो थैली की बात कर रहा. यह सुनकर आश्चर्य होता है. 

संजय सिंह ने कहा कि आनंद मोहन जदयू में नहीं हैं, इसलिए उनके बयान का कोई वैल्यू नहीं. जहां तक थैली लेने के बयान की बात है तो, थैली लेने वाला थैली की बात कर रहा. उन्होंने कहा कि शिवहर लोकसभा बीजेपी की सीटिंग सीट थी. रामा देवी सांसद थीं. बीजेपी से वह सीट जदयू ने लिया और लवली आनंद को टिकट दिया गया. वे जीत कर भी आईं. मैं पूछना चाहता हूं कि क्या आनंद मोहन थैली लेकर गए थे ? उनके पुत्र चेतन आनंद शिवहर से एमएलए थे. वहां उनकी स्थिति काफी खराब थी .उनको नवीनगर भेजा गया, क्या वह थैली देकर टिकट लिए थे ? 

जेडीयू विधान पार्षद यहीं नहीं रूके. उन्होंने कहा कि जो थैली लेते हैं वह थैली की बात करते हैं. जनता दल यूनाइटेड में किसी माई के लाल में हिम्मत नहीं है जो, थैली देखकर टिकट ले ले. जो लोग जिस तरह के होते हैं, वो इसी तरह की भाषा का प्रयोग करते हैं.

आनंद मोहन का सबसे बड़ा दर्द है, बेटा मंत्री नहीं बना. पुत्र मोह के चलते ये धृतराष्ट्र बन गए हैं. आंख में पट्टी बांध लिए हैं. हमें खुशी तब होती जब क्षत्रिय बिरादरी के किसी दूसरे नेता के लिए लड़ते, लेकिन ये तो अपने पुत्र के लिए लड़ रहे हैं.