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Petrol Diesel Price Hike: फिर बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, एक हफ्ते में दूसरी बड़ी बढ़ोतरी

देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिर बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली, कोलकाता समेत कई शहरों में ईंधन महंगा हो गया है। जानिए नई कीमतें और बढ़ोतरी की वजह।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated May 19, 2026, 6:54:49 AM

Petrol Diesel Price Hike: फिर बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, एक हफ्ते में दूसरी बड़ी बढ़ोतरी

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Petrol Diesel Price Hike : देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में मंगलवार को फिर बढ़ोतरी कर दी गई। तेल कंपनियों ने पेट्रोल के दाम में करीब 90 पैसे प्रति लीटर और डीजल के दाम में भी लगभग इतनी ही वृद्धि की है। एक सप्ताह से भी कम समय में ईंधन की कीमतों में यह दूसरी बड़ी बढ़ोतरी है। इससे पहले पिछले शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल दोनों की कीमतों में 3 रुपए प्रति लीटर का इजाफा किया गया था। लगातार बढ़ रही कीमतों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है और इसका असर अब परिवहन से लेकर रोजमर्रा की जरूरतों तक दिखाई देने लगा है।


राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 87 पैसे प्रति लीटर बढ़कर 98.64 रुपए हो गई है। इससे पहले यहां पेट्रोल 97.77 रुपए प्रति लीटर बिक रहा था। वहीं डीजल की कीमत में 91 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है, जिसके बाद इसकी नई कीमत 91.58 रुपए प्रति लीटर हो गई है। पहले दिल्ली में डीजल 90.67 रुपए प्रति लीटर के भाव पर उपलब्ध था।


कोलकाता में पेट्रोल की कीमतों में सबसे अधिक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यहां पेट्रोल 96 पैसे महंगा होकर 109.70 रुपए प्रति लीटर पहुंच गया है। अन्य महानगरों में भी पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोतरी देखने को मिली है। मुंबई और चेन्नई समेत कई शहरों में वाहन चालकों को अब पहले से ज्यादा कीमत चुकानी पड़ रही है।


विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी इसका सबसे बड़ा कारण है। हाल के दिनों में पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान-अमेरिका के बीच संघर्ष की स्थिति ने वैश्विक तेल बाजार को प्रभावित किया है। जंग शुरू होने से पहले अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत करीब 70 डॉलर प्रति बैरल थी, जो अब बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है।


कच्चे तेल की कीमतों में अचानक आई इस तेजी से सरकारी और निजी तेल कंपनियों पर भारी दबाव बढ़ गया है। कंपनियों का कहना है कि लंबे समय तक कम दाम पर ईंधन बेचने से उन्हें नुकसान उठाना पड़ रहा था। इसी घाटे की भरपाई के लिए पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाने का फैसला लिया गया है।


ईंधन की कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि का असर आम जनता की जेब पर साफ दिखाई देने लगा है। परिवहन खर्च बढ़ने से फल, सब्जी, दूध और अन्य जरूरी सामानों की कीमतों में भी आने वाले दिनों में बढ़ोतरी हो सकती है। ट्रांसपोर्ट सेक्टर से जुड़े लोगों का कहना है कि डीजल महंगा होने से माल ढुलाई की लागत बढ़ेगी, जिसका सीधा असर बाजार पर पड़ेगा।


आर्थिक जानकारों का मानना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनी रहती हैं तो आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है। इससे महंगाई दर पर भी दबाव बढ़ेगा।


सरकार फिलहाल स्थिति पर नजर बनाए हुए है, लेकिन आम लोगों को राहत मिलने के आसार फिलहाल कम दिखाई दे रहे हैं। लगातार दूसरी बार हुई इस बढ़ोतरी ने मध्यम वर्ग और वाहन चालकों की परेशानी बढ़ा दी है। अब सभी की नजरें अंतरराष्ट्रीय बाजार और तेल कंपनियों के अगले फैसले पर टिकी हुई हैं।