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मगध यूनिवर्सिटी में VC ने किया 200 करोड़ का घोटाला : पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह ने PM मोदी को लिखा पत्र, राजभवन की भी मिलीभगत का आरोप

मगध यूनिवर्सिटी में 200 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगाते हुए पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। उन्होंने कार्यवाहक VC प्रो. शशि प्रताप शाही पर अवैध निकासी, भ्रष्टाचार और अवैध नियुक्तियों का आरोप लगाते हुए नि

1st Bihar Published by: First Bihar Updated May 19, 2026, 8:52:45 AM

मगध यूनिवर्सिटी में VC ने किया 200 करोड़ का घोटाला : पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह ने PM मोदी को लिखा पत्र, राजभवन की भी मिलीभगत का आरोप

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PATNA : बिहार के मगध विश्वविद्यालय शिक्षा के बजाए घोटाला,गबन और भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया है. रिटायरमेंट के बाद भी VC की कुर्सी पर बैठे शशि प्रताप शाही ने 200 करोड़ की लूट मचाई है. ये आरोप किसी विपक्षी नेता ने नहीं बल्कि सत्तारूढ़ बीजेपी के एक दिग्गज नेता ने लगाए हैं. उनका आरोप है VC के इस खेल में बिहार का राजभवन (अब लोकभावन) और राज्य सरकार के बड़े चेहरे भी शामिल हैं. लिहाजा सीधे प्रधानमंत्री को पत्र लिख कर जांच कराने की मांग की गई है.


प्रधानमंत्री को लिखा पत्र 

बोधगया में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए औरंगाबाद के पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है. पूर्व सांसद ने विश्वविद्यालय के कार्यवाहक कुलपति प्रो. शशि प्रताप शाही पर विश्वविद्यालय कोष से 150 से 200 करोड़ रुपये की अवैध निकासी, अवैध नियुक्ति और कई असंवैधानिक कार्य करने का गंभीर आरोप लगाया है.


घोटालेबाज VC को तत्काल हटाएं 

पूर्व सांसद की ओर से लिखे गए इस पत्र की कॉपी प्रधानमंत्री कार्यालय, राज्यपाल सचिवालय लोक शिकायत पटना और निगरानी विभाग बिहार को भी भेजी गई है. पत्र में पूर्व सांसद ने कार्यवाहक कुलपति के खिलाफ निष्पक्ष जांच कराने और उन्हें तत्काल पद से हटाने की मांग की है.


विश्वविद्यालय कोष से अरबों की अवैध निकासी

पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह ने पत्र में दावा किया है कि मगध विश्वविद्यालय में पिछले तीन वर्षों के दौरान बड़े पैमाने पर वित्तीय घोटाला हुआ है . उन्होंने आरोप लगाया है कि कार्यवाहक कुलपति प्रो. शशि प्रताप शाही के कार्यकाल में विश्वविद्यालय फंड से करीब 150 से 200 करोड़ रुपये की अवैध निकासी की गई है.


पत्र में कहा गया है कि विश्वविद्यालय में भ्रष्टाचार, अवैध नियुक्तियों और सरकारी पैसे की लूट को लेकर कई सामाजिक कार्यकर्ताओं और पीड़ितों ने राज्यपाल सचिवालय में शपथ पत्र के साथ शिकायतें दर्ज कराई हैं. इसके अलावा इस मामले को लेकर पटना हाईकोर्ट में जनहित याचिका (CWJC No-5762/2026) भी दायर की गई है।


राज्यपाल सचिवालय की भूमिका पर भी सवाल

पूर्व सांसद ने अपने पत्र में राज्यपाल सचिवालय की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन अधिकारियों पर कार्रवाई की जिम्मेदारी है, वही VC के खिलाफ मिलने वाली शिकायतों को जांच के लिए दोबारा आरोपित कुलपति के पास भेज देते हैं. इससे शिकायतकर्ताओं को न्याय नहीं मिल पा रहा है.


पत्र में यह भी दावा किया गया है कि शिकायत करने वाले लोगों को दबाने और “मैनेज” करने की कोशिश की जा रही है. सुशील कुमार सिंह ने कहा है कि राज्यपाल सचिवालय के कुछ अधिकारी भी कुलपति के संपर्क में हैं, जो उन्हें बचाने का काम कर रहे हैं.


निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग

पूर्व सांसद ने प्रधानमंत्री से मांग की है कि पूरे मामले की जांच किसी निष्पक्ष एजेंसी से कराई जाए. इसके साथ ही जांच पूरी होने तक कार्यवाहक कुलपति को तत्काल पद से हटाने का निर्देश दिया जाए.पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह ने पत्र में लिखा है कि उन्होंने 15 मई 2026 को राज्यपाल सचिवालय लोक शिकायत पटना और निगरानी विभाग को भी संबंधित दस्तावेज और साक्ष्यों के साथ शिकायत भेजी है.


विश्वविद्यालय प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार

इस मामले पर मगध विश्वविद्यालय प्रशासन या कार्यवाहक कुलपति प्रो. शशि प्रताप शाही की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यदि विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई जवाब आता है तो उसे भी खबर में शामिल किया जाएगा।


राजनीतिक और शैक्षणिक हलकों में हलचल

पूर्व सांसद के इस पत्र के बाद बिहार के शैक्षणिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है. विपक्षी दल भी इस मुद्दे को लेकर सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन पर सवाल उठा सकते हैं. वहीं, विश्वविद्यालय से जुड़े छात्र संगठनों और शिक्षकों के बीच भी इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है.