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Bihar Cabinet Meeting: सम्राट कैबिनेट का बड़ा फैसला- 11 ग्रीनफील्ड टाउनशिप के लिए इन इलाकों में जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक, जानें...

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 22 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। राज्य के 11 चिन्हित टाउनशिप क्षेत्रों में मास्टर प्लान लागू होने तक जमीन की खरीद-बिक्री, हस्तांतरण और निर्माण कार्यों पर तत्काल रोक लगा दी गई है।

1st Bihar Published by: Viveka Nand Updated Apr 22, 2026, 7:10:58 PM

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Bihar Cabinet Meeting: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज बुधवार को कैबिनेट की बैठक बुलाई थी. मंत्रिपरिषद की बैठक में कुल 22 एजेंडों पर मुहर लगी है. बड़ी खबर यह है कि टाउनशिप वाले क्षेत्र में भूमि के क्रय विक्रय / हस्तांतरण एवं भूमि का विकास / भवनों के निर्माण से संबंधित सभी कार्यों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने का निर्णय लिया गया है.

पटना, सोनपुर, गयाजी, दरभंगा, सहरसा, पूर्णिया एवं मुंगेर में चिह्नित टाउनशिप के विशेष क्षेत्र तथा कोर क्षेत्र के लिए मास्टर प्लान अधिसूचित करने के लिए 31 मार्च 2027 तक तथा मुजफ्फरपुर, छपरा, भागलपुर एवं सीतामढ़ी (सीतापुरम) में चिह्नित टाउनशिप के विशेष क्षेत्र तथा कोर क्षेत्र के लिए आयोजना क्षेत्र का विस्तार करते हुए मास्टर प्लान अधिसूचित करने के लिए दिनांक 30 जून 2027 तक भूमि के क्रय विक्रय / हस्तांतरण एवं भूमि का विकास / भवनों के निर्माण से संबंधित सभी कार्यों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने का निर्णय लिया है.

उक्त सभी 11 टाउनशिप के नामों एवं अनुशंसित विशेष क्षेत्र तथा कोर क्षेत्र की स्वीकृति प्रदान की गयी है। उक्त कार्य से राज्य में टाउनशिप के विकास से सुनियोजित शहरीकरण एवं मास्टर प्लान- आधारित विकास सुनिश्चित होगा, जिससे नये आर्थिक गतिविधि केन्द्रों का निर्माण के साथ-साथ राज्य की अर्थव्यवस्था में संरचनात्मक परिर्वतन होगा साथ ही नये रोजगार का सृजन होगा तथा नागरिकों को उच्च गुणवत्ता वाली शहरी सुविधाएँ मिलेंगी। इस प्रकार इन सैटेलाईट टाउनशिप के विकास से मौजूदा नगरों पर भार कम होगा एवं शहरी विस्तार योजनाबद्ध रूप से हो सकेगा एवं निजी /संस्थागत निवेश में वृद्धि होगी।

सरकार का मानना है कि, इस कार्य से राज्य में टाउनशिप के विकास से सुनियोजित शहरीकरण एवं मास्टर प्लान- आधारित विकास सुनिश्चित होगा. जिससे नये आर्थिक गतिविधि केन्द्रों का निर्माण के साथ-साथ अर्थव्यवस्था में संरचनात्मक परिर्वतन होगा. साथ ही नये रोजगार का सृजन होगा, नागरिकों को उच्च गुणवत्ता वाली शहरी सुविधाएँ मिलेंगी। इस प्रकार इन सैटेलाईट टाउनशिप के विकास से मौजूदा नगरों पर भार कम होगा. शहरी विस्तार योजनाबद्ध रूप से हो सकेगा. साथ ही निजी एवं संस्थागत निवेश में वृद्धि होगी।