Hindi News / news / बिहार सरकार का बड़ा फैसला : ड्रोन उड़ाने से पहले जरूरी होगा रजिस्ट्रेशन,...

बिहार सरकार का बड़ा फैसला : ड्रोन उड़ाने से पहले जरूरी होगा रजिस्ट्रेशन, पायलट को लेना होगा लाइसेंस

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jul 20, 2023, 7:21:09 AM

बिहार सरकार का बड़ा फैसला : ड्रोन उड़ाने से पहले जरूरी होगा रजिस्ट्रेशन, पायलट को लेना होगा लाइसेंस

- फ़ोटो

PATNA : बिहार में ड्रोन उड़ाने के चलन को बढ़ते देख राज्य सरकार ने बढ़ा निर्णय लिया है। बिहार सरकार ने यह तय किया है कि अब राज्य के अंदर कहीं भी या किसी भी मौके पर ड्रोन उड़ाने से पहले उसका रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इसके लिए ड्रोन के मालिक ऑनलाइन डिजिटल स्काई प्लेटफार्म पर अपना रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। 


दरअसल, बिहार सरकार के तरफ से ड्रोन उड़ाने को लेकर नई गाइडलाइन जारी किया गया है। इसमें साफ़ तौर पर कहा गया है कि- अब राज्य के किसी भी कोने में ड्रोन उड़ाने के लिए उसका पहले रजिस्ट्रेशन कराना होगा। राज्य सरकार ने ड्रोन का पंजीकरण अनिवार्य कर दिया है। ऑनलाइन डिजिटल स्काई प्लेटफार्म पर ड्रोन को पंजीकृत किया जाएगा। इसके लिए आवेदक को एक विशिष्ट पहचान संख्या आवंटित की जाएगी। तभी ड्रोन को उड़ाया जा सकेगा। इसके साथ ही 250 ग्राम से ज्यादा वजनी ड्रोन उड़ाने के लिए पायलट के पास लाइसेंस जरूरी होगा। 


वहीं, अंतरराष्ट्रीय सीमा और एयरपोर्ट के करीब वाले रेड जोन में ड्रोन उड़ाने पर रोक रहेगी। नियम तोड़ने पर प्रशासन ड्रोन को जब्त कर लेगा और उसके मालिक एवं संचालक पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। गृह विभाग की विशेष शाखा ने इस संबंध में निर्देश जारी कर दिया  किया। विभागीय सूत्रों ने बताया कि ड्रोन के संचालन पर नजर रखने के लिए सभी जिलों में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समिति का किया गया है। जिसमें पुलिस अधीक्षक सदस्य बनाए गए हैं। ड्रोन उड़ाने के लिए लाइसेंस को भी डिजिटल स्काई प्लेटफार्म पर आवेदन करना होगा जिसकी वैधता दस साल होगी।


इसके साथ ही भारत की अंतरराष्ट्रीय सीमा के अंदर 25 किमी और एयरपोर्ट की सीमा से पांच किमी परिधि का क्षेत्र रेड जोन होगा। राज्य सचिवालय या निदेशालय परिसर से तीन किलोमीटर परिधि और तेल रिफाइनरी, थर्मल पावर स्टेशन, सरकारी संस्थान के दो किलोमीटर की परिधि में ड्रोन उड़ाने पर रोक रहेगी। जबकि, एयरपोर्ट की परिधि से 5 से 8 किलोमीटर के बीच का जमीनी क्षेत्र और 8 से 12 किलोमीटर का 200 फीट तक हवाई क्षेत्र येलो जोन होगा। यहां ड्रोन उड़ाने को एयर ट्रैफिक कंट्रोल से अनुमति जरूरी होगी। रेड और येलो से बाहर का क्षेत्र ग्रीन जोन होगा। यहां 400 फीट या 120 मीटर की ऊंचाई तक ड्रोन उड़ाने को अनुमति जरूरी नहीं होगी।