Govardhan Asrani Death: हिंदी सिनेमा के वरिष्ठ और बहुआयामी अभिनेता गोवर्धन असरानी का आज, 20 अक्तूबर 2025, को शाम करीब 4 बजे लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वे 83 वर्ष के थे और मूल रूप से जयपुर के निवासी थे। उनकी मृत्यु की पुष्टि उनके भतीजे अशोक असरानी ने की है।
गोवर्धन असरानी का निधन न केवल फिल्म इंडस्ट्री बल्कि उनके लाखों प्रशंसकों के लिए गहरा सदमा है। उनके निधन से फिल्म जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। गोवर्धन असरानी का फिल्मी करियर 50 वर्षों से भी अधिक लंबा रहा और उन्होंने 350 से ज्यादा फिल्मों में अभिनय किया।
वे एक दौर में कॉमिक रोल का दूसरा नाम माने जाते थे। 1970 के दशक में असरानी का करियर अपने चरम पर था, जब वे सबसे भरोसेमंद और लोकप्रिय सह-अभिनेता बन चुके थे। उनकी कॉमिक टाइमिंग, संवाद अदायगी और सहज अभिनय को आज भी दर्शक याद करते हैं।
उन्होंने ‘मेरे अपने’, ‘कोशिश’, ‘बावर्ची’, ‘परिचय’, ‘अभिमान’, ‘चुपके चुपके’, ‘छोटी सी बात’, ‘रफू चक्कर’ जैसी फिल्मों में बेहतरीन अभिनय किया। हाल के वर्षों में उन्होंने ‘धमाल’ जैसी फिल्मों में भी अभिनय कर नई पीढ़ी को हंसाया।
अभिनय के अलावा, गोवर्धन असरानी ने कुछ फिल्मों का निर्देशन और कहानी लेखन भी किया। उन्होंने ‘चल मुरारी हीरो बनने’ और ‘सल्लाम मेमसाब’ जैसी फिल्मों का निर्देशन किया। इसके अलावा वे गुजराती सिनेमा से भी जुड़े रहे।
बता दें कि तीन महीने पहले, 15 जुलाई 2025, को सोशल मीडिया पर उनकी झूठी मौत की खबर फैलाई गई थी, जो बाद में फर्जी निकली। आज उनके निधन की खबर की पुष्टि उनके परिजनों ने की है। गोवर्धन असरानी ने अपने अभिनय से हिंदी सिनेमा को सांस्कृतिक गहराई और हास्य दोनों दिए। उनका योगदान सदैव याद रखा जाएगा। उनके निधन से सिनेमा प्रेमियों, सहयोगियों और परिवार में शोक की लहर है।



