Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति के मौके पर घर-घर में खिचड़ी, तिल-गुड़, गजक और दही-चूड़ा जैसे पारंपरिक व्यंजन बनाए जाते हैं। बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में इस पर्व पर दही-चूड़ा खाने की खास परंपरा है। स्वादिष्ट होने के साथ-साथ दही-चूड़ा सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद माना जाता है।
चूड़ा, जिसे कई जगहों पर पोहा या चिवड़ा भी कहा जाता है, चावल को कूटकर बनाया जाता है। मकर संक्रांति पर इसे दही और गुड़ या चीनी के साथ खाने की परंपरा है। यह हल्का, पौष्टिक और आसानी से पचने वाला भोजन है।
जो लोग ऐसा नाश्ता चाहते हैं जिससे शरीर को भरपूर ऊर्जा मिले और कैलोरी भी कम रहे, उनके लिए दही-चूड़ा एक बेहतरीन विकल्प है। इसमें आयरन और कैल्शियम जैसे जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं। यही वजह है कि गर्भवती महिलाओं को भी दही-चूड़ा खाने की सलाह दी जाती है, क्योंकि यह एनीमिया के खतरे को कम करने में मदद करता है।
दही-चूड़ा बनाना बेहद आसान है। सबसे पहले चूड़ा लें और उसे साफ पानी से अच्छी तरह धो लें। अगर चूड़ा मोटा है तो उसे करीब 2 मिनट तक पानी में भिगो दें, फिर छानकर अलग कर लें। अब एक कटोरी में ताजा और गाढ़ी दही लें और उसे अच्छी तरह फेंट लें।
इसमें स्वादानुसार गुड़ या चीनी मिलाएं। जब दही में गुड़ या चीनी अच्छी तरह घुल जाए, तो उसमें चूड़ा डालकर हल्के हाथों से मिक्स करें। आपका दही-चूड़ा तैयार है। इसे आप तिल के लड्डू या आलू-गोभी की सब्जी के साथ परोस सकते हैं।
नोट: यह एक सामान्य जानकारी के लिए है। अपनी डाइट में कोई भी बदलाव करने से पहले डॉक्टर या न्यूट्रिशनिस्ट की सलाह जरूर लें।




