Life Style: चिड़ियाघर में कुछ पक्षियों में बर्ड फ्लू (H5N1 वायरस) की पुष्टि की गयी है। इससे लोगों में चिंता बढ़ गई है। चिड़ियाघर प्रशासन ने एहतियात के तौर पर सुरक्षा इंतजाम बढ़ा दिए हैं जिससे लोगो को किसी प्रकार की कोई परेशानी न हो। बर्ड फ्लू एक वायरस से होने वाली बीमारी है जो खासकर पक्षियों में तेजी से फैलती है। यह बीमारी उन्हें बहुत बीमार कर सकती है या जान भी ले सकती है। इंसानों में यह आमतौर पर तभी फैलती है जब वे संक्रमित पक्षियों के बहुत करीब हों जैसे कि चिड़ियाघर के कर्मचारी या पोल्ट्री फार्म में काम करने वाले लोग।
सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टर संजीव कुमार के मुताबिक, बर्ड फ्लू का इंसानों में फैलना बहुत ही कम होता है, लेकिन फिर भी पूरी तरह से नकारा नहीं जा सकता। अगर कोई व्यक्ति बीमार पक्षी के पास जाता है या उसके मल-मूत्र या लाश के संपर्क में आता है, तो वायरस इंसान में जा सकता है। इसलिए सावधानी रखना जरूरी है।
क्या -क्या हो सकते हैं लक्षण ?
तेज बुखार
खांसी और गले में खराश
सांस लेने में दिक्कत
सिरदर्द और शरीर में दर्द
अगर किसी को ऐसे लक्षण हों और वह हाल ही में पक्षियों के संपर्क में आया हो, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाने की सलाह दी जा रही है। डॉक्टर का कहना है कि अगर लोग जरूरी सावधानी बरतें, तो डरने की कोई जरूरत नहीं है। ऐसी स्थिति में बीमार या मरे हुए पक्षियों से रहें दूर, हाथों को बार-बार धोते रहें, पक्षियों को छूने से बचें। अगर पक्षियों के पास जाने के बाद तबियत खराब लगे, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। चिड़ियाघर में बर्ड फ्लू फैला है, जो चिंता की बात है। लेकिन अगर लोग सतर्क रहें और जरूरी सावधानी रखें, तो इसका खतरा आम लोगों के लिए बहुत कम है।




