Heart Attack: देश के कई इलाकों में इस समय कड़ाके की ठंड पड़ रही है। सर्दी का यह मौसम न सिर्फ जुकाम, खांसी और वायरल बीमारियों का कारण बनता है, बल्कि हार्ट अटैक का खतरा भी बढ़ा देता है। विशेषज्ञों के अनुसार, कई मामलों में हार्ट अटैक सुबह के समय ही आते हैं और कुछ लोगों को इसके लक्षण भी पहचानने में देर हो जाती है।
सर्दियों में तापमान कम होने के कारण शरीर की रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है और हार्ट पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इसी वजह से कुछ मामलों में ब्लड क्लॉट बनने और हार्ट की नसों में पहले से मौजूद प्लाक के टूटने का खतरा भी बढ़ जाता है। सुबह के समय शरीर में कोर्टिसोल और एड्रेनालिन जैसे स्ट्रेस हार्मोन का स्तर भी अधिक होता है, जिससे हार्ट रेट बढ़ता है और हार्ट अटैक का जोखिम और अधिक हो जाता है।
डॉक्टर्स बताते हैं कि जिन लोगों को पहले से हाई बीपी, हाई कोलेस्ट्रॉल और डायबिटीज की समस्या होती है, उनमें हार्ट अटैक का खतरा सामान्य लोगों की तुलना में अधिक होता है। ऐसे लोगों को सर्दियों में विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। उन्हें अपने बीपी, कोलेस्ट्रॉल और शुगर लेवल पर नियमित नजर रखनी चाहिए और हार्ट अटैक के शुरुआती लक्षणों की जानकारी होना जरूरी है।
हार्ट अटैक के आम लक्षण
छाती में दर्द या भारीपन
एसिडिटी या गैस की गोली के बाद भी दर्द का बना रहना
छाती का दर्द बाएं हाथ या कंधे तक जाना
सांस फूलना
जबड़े में बाईं ओर दर्द का अनुभव
सर्दियों में हार्ट अटैक से बचाव के तरीके
खुद को गर्म रखें: ठंडी हवा के सीधे संपर्क में न आएं, पर्याप्त परतों में गर्म कपड़े पहनें।
हल्का व्यायाम: घर के अंदर ही स्ट्रेचिंग, योग या वॉक करें ताकि रक्त संचार बेहतर बना रहे।
दिल के लिए फायदेमंद भोजन: फल, सब्जियां, साबुत अनाज और कम फैट वाले प्रोटीन का सेवन करें।
नियमित स्वास्थ्य जांच: बीपी, कोलेस्ट्रॉल और शुगर लेवल की नियमित जांच कराएं।
डॉक्टर से तुरंत परामर्श: सर्दियों में सीने में दर्द या असामान्य थकान महसूस होने पर तुरंत विशेषज्ञ से मिलें।
विशेष सुझाव: सर्दियों में सुबह के समय बाहरी गतिविधियों को सीमित करें, शराब और धूम्रपान से बचें, और तनाव कम करने के उपाय अपनाएं। ऐसे छोटे बदलाव भी हार्ट अटैक के खतरे को काफी हद तक कम कर सकते हैं।




