1st Bihar Published by: Viveka Nand Updated May 18, 2026, 11:55:54 AM
AI से सांकेतिक तस्वीर - फ़ोटो Google
Bihar News: बिहार में अब नई सरकार है. सम्राट चौधरी बिहार के मुख्यमंत्री हैं. नई सरकार में जनहित में कई बड़े फैसले लिए गए हैं. हाल के दिनों में प्रधानमंत्री मोदी के इंधन बचाने के आह्वान पर अमल करते हुए राज्य सरकार ने कई तरह के निर्णय लिए हैं. इंधन बचाने को लेकर अभियान चलाया जा रहा है. मंत्रियों ने काफिले में गाड़ियों की संख्या कम कर दी है. सप्ताह में एक दिन ‘नो व्हीकल डे’ का आह्वान किया गया है. सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए गए हैं.
मंत्री मौजूद, सचिव गैरहाजिर
इसी के तहत आज सोमवार को एक बड़ी पहल की शुरूआत की गई, जहां सरकार यानि मंत्री की मौजूदगी थी. लेकिन आश्चर्य यह कि सरकार के सचिव गैरहाजिर रहे. झंडी दिखाने वाले कार्यक्रम में सचिव क्यों नहीं पहुंचे, यह चर्चा का विषय बन गया है.
पटना में मंत्री का था पहला सार्वजनिक कार्यक्रम
बता दें, नई सरकार बनने के बाद मंत्रीजी का पटना में यह पहला ओपन कार्यक्रम था. जहां विभागीय कार्यक्रम में शामिल होकर और झंडी दिखाकर शुरूआत करनी थी. इस कार्यक्रम को लेकर दो दिन पहले से तैयारी चल रही थी. चौबीस घंटे पहले ही इस बारे में मीडिया को जानकारी दी गई थी. कार्यक्रम सोमवार की सुबह करीब 10 बजे थी. विभाग के उस कार्यक्रम में विभागीय मंत्री, जिन्हें झंडी दिखाना था, वे पहुंचे. उनके विभाग के अपर सचिव,प्रशासक व अन्य अधिकारी मौजूद रहे.
मंत्री के बाद सचिव का स्थान होता है. पर विभागीय सचिव हरी झंडी दिखाने वाले उस कार्यक्रम में नहीं दिखे. सचिव की गैरहाजिरी में मंत्री जी, हरी झंडी दिखाकर सार्वजनिक परिवहन के तहत सरकारी कर्मचारियों को सचिवालय पहुंचाने और लाने के उक्त योजना की शुरूआत की.
मंत्री को हल्का करने की कोशिश तो नहीं ?
राजधानी पटना में मंत्री जी के आवास के बाहर कार्यक्रम चल रहा था, मंत्री जी भी पहुंच गए थे, हरी झंडी दिखाने की तैयारी चल रही थी. तभी सबकी नजरें सचिव पर गईं. लेकिन विभाग के सचिव कहीं नहीं दिखे. अब सवाल यह है कि विभाग के कार्यक्रम में सचिव क्यों नहीं पहुंचे? सचिव की अनुपस्थिति में अपर सचिव से काम चलाने की मजबूरी क्यों, क्या सचिव पटना से बाहर थे, या फिर किसी दूसरे कार्यक्रम में व्यस्त थे ? या फिर सरकारी कार्यक्रम में मंत्री जी को छोटा दिखाने की कोशिश है ? ये तमाम सवाल सत्ता के गलियारे में तैर रहे हैं.