Waqf Bill: वक्फ संशोधन विधेयक पर संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) अपनी रिपोर्ट अंतिम चरण में है। समिति लगातार दो दिन, शुक्रवार और शनिवार को, बैठक कर बिल पर क्लॉज-दर-क्लॉज चर्चा करेगी और रिपोर्ट के मसौदे को अंतिम रूप देगी। जेपीसी के सदस्यों को संशोधन प्रस्तुत करने के लिए 22 जनवरी शाम 4 बजे तक का समय दिया गया था।
समिति को प्राप्त संशोधनों पर भी चर्चा की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर वोटिंग होगी। कुछ विपक्षी सदस्यों ने बैठक टालने की मांग की थी, जिसे जेपीसी अध्यक्ष ने खारिज कर दिया था। अपने कार्यकाल को बढ़ाने के बाद, जेपीसी अब 27 या 28 जनवरी को लोकसभा स्पीकर को अपनी लगभग 500 पन्नों की रिपोर्ट सौंप सकती है। लोकसभा स्पीकर की मंजूरी के बाद, रिपोर्ट को आगामी बजट सत्र में लोकसभा में पेश किया जाएगा।
समिति ने अब तक दिल्ली में 34 बैठकें की हैं और कई राज्यों का दौरा कर 24 से अधिक हितधारकों से मुलाकात की है। देशभर से 20 से अधिक वक्फ बोर्ड अध्यक्ष समिति के समक्ष उपस्थित हुए हैं। विपक्ष की आपत्तियों के बाद केंद्र ने विधेयक को जेपीसी के पास भेजा था। समिति के 21 लोकसभा और 10 राज्यसभा सदस्यों में से 13 विपक्षी दलों से हैं। समिति के अध्यक्ष जगदंबिका पाल (भाजपा सांसद, उत्तर प्रदेश) हैं।
समिति ने दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद, चेन्नई, हैदराबाद, बेंगलुरु, गुवाहाटी, भुवनेश्वर, कोलकाता, पटना और लखनऊ का दौरा किया है। समिति ने सभी हितधारकों, राज्य सरकार के अधिकारियों, वक्फ बोर्डों, अल्पसंख्यक आयोगों, उच्च न्यायालय के वकीलों, इस्लामी विद्वानों, पूर्व न्यायाधीशों, कुलपतियों, अखिल भारतीय मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और जमीयत उलेमा-ए-हिंद के सदस्यों और विभिन्न तंजीमों से मुलाकात की थी।


