ब्रेकिंग
कटिहार में शर्मनाक कांड: नशे में धुत अर्धनग्न मिले डॉक्टर, ड्यूटी के दौरान किया हंगामा “नए सीएम के सिर पर होगा कांटों का ताज” – जेडीयू विधायक भगवान सिंह कुशवाहा का बड़ा बयानBihar Ias Posting: नीतीश सरकार ने 11 ट्रेनी IAS अफसरों को जिला अलॉट किया, बनाए गए सहायक समाहर्ता, लिस्ट देखें....बचाने की कोशिश तो नहीं ? गाड़ी महिला MVI की...वसूली करने वाला खास रिश्तेदार, पुलिस ने गाड़ी जब्त की...भतीजे को जेल भेजा, पर अफसर पर एक्शन के लिए 'जांच टीम' पति की हत्या के बाद दो बेटों के साथ जहर खाने वाली महिला की मौत, बच्चों की हालत अब भी नाजुककटिहार में शर्मनाक कांड: नशे में धुत अर्धनग्न मिले डॉक्टर, ड्यूटी के दौरान किया हंगामा “नए सीएम के सिर पर होगा कांटों का ताज” – जेडीयू विधायक भगवान सिंह कुशवाहा का बड़ा बयानBihar Ias Posting: नीतीश सरकार ने 11 ट्रेनी IAS अफसरों को जिला अलॉट किया, बनाए गए सहायक समाहर्ता, लिस्ट देखें....बचाने की कोशिश तो नहीं ? गाड़ी महिला MVI की...वसूली करने वाला खास रिश्तेदार, पुलिस ने गाड़ी जब्त की...भतीजे को जेल भेजा, पर अफसर पर एक्शन के लिए 'जांच टीम' पति की हत्या के बाद दो बेटों के साथ जहर खाने वाली महिला की मौत, बच्चों की हालत अब भी नाजुक

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली अध्यादेश का मामला संवैधानिक पीठ को सौंपा, अब 5 जजों की बेंच करेगी सुनवाई

DELHI: दिल्ली अध्यादेश मामले पर गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अध्यादेश के मामले को संवैधानिक पीठ को सौंप दिया। केजरीवाल सरकार द

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली अध्यादेश का मामला संवैधानिक पीठ को सौंपा, अब 5 जजों की बेंच करेगी सुनवाई
Mukesh Srivastava
|
|AMP
विज्ञापन — Rectangle

DELHI: दिल्ली अध्यादेश मामले पर गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अध्यादेश के मामले को संवैधानिक पीठ को सौंप दिया। केजरीवाल सरकार द्वारा दायर इस मामले पर अब सुप्रीम कोर्ट की 5 जजों की बेंच सुनवाई करेगी। मंगलवार को दिल्ली सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट संकेत दिए थे कि इस मामले को संवैधानिक पीठ के पास भेजा जा सकता है।


दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में प्रशासनिक सेवाओं के नियंत्रण और अधिकार से जुड़े मामले पर फैसला देते हुए साफ कर दिया था कि पुलिस, जमीन और पब्लिक ऑर्डर को छोड़कर बाकी अन्य दूसरे मसलों पर दिल्ली की सरकार की सलाह को उपराज्यपाल को मानना होगा। इसके बाद केंद्र सरकार एक अध्यादेश लेकर आई, जिसमें फिर से दिल्ली की पावर उपराज्यपाल को लौटा दिया गया था।


केंद्र सरकार द्वारा लाए गए अध्यादेश को आम आदमी पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। दिल्ली सरकार ने शीर्ष अदालत से केंद्र के अध्यादेश पर रोक लगाने की मांग की थी हालांकि, अदालत ने अध्यादेश पर रोक नहीं लगाई है और मामले को संवैधानिक पीठ के पास भेज दिया। अब इस मामले की सुनवाई पांच जजों की बेंच करेंगी।

इस खबर के बारे में

रिपोर्टर / लेखक

Mukesh Srivastava

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

विज्ञापन

संबंधित खबरें