DESK: अच्छे दिन के झूठे वादों में फंसकर जनता परेशान है। कांशीराम की जयंती के मौके पर मायावती ने विपक्षी दलों पर तीखा हमला किया। मायावती ने कहा कि आज जनता 'अच्छे दिन' जैसे हसीन सपनों, हवाहवाई बातों और लुभावनी घोषणाओं के चक्रव्यूह में फंसकर त्रस्त है।
बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने पार्टी के संस्थापक कांशीराम की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और इस मौके पर याद किया। मायावती ने कांशीराम को भारत रत्न देने की मांग केंद्र सरकार से कर दी। उन्होंने बहुजन समाज के लोगों से एकजुट होकर सत्ता की मास्टर की हासिल करने की अपील की।
मायावती ने इस दौरान विपक्षी दलों, विशेषकर सपा, भाजपा और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। मायावती ने कहा कि आज जनता 'अच्छे दिन' जैसे हसीन सपनों, हवाहवाई बातों और लुभावनी घोषणाओं के चक्रव्यूह में फंसकर त्रस्त है। उन्होंने समाजवादी पार्टी (सपा) के 'पीडीए' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) नारे को चुनावी स्वार्थ और विशुद्ध छलावा करार दिया। आरोप लगाया कि सपा, कांग्रेस और भाजपा जैसी पार्टियाँ दलितों, पिछड़ों और मुस्लिमों का केवल शोषण करती हैं और चुनाव खत्म होते ही उन्हें तिरस्कृत कर देती हैं । मायावती ने कहा कि मुस्लिम समाज के इन पार्टियों से अलग होने और ब्राह्मण समाज के बसपा से जुड़ने के कारण सपा की राजनीतिक और जातिवादी शत्रुता और अधिक बढ़ गई है।
कांशीराम के लिए 'भारतरत्न' की मांग
मायावती ने केंद्र की भाजपा सरकार से मांग की कि वह मान्यवर श्री कांशीराम को 'भारतरत्न' से सम्मानित करने में और देरी न करे। उन्होंने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि जिस तरह कांग्रेस ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर को लंबे समय तक भारतरत्न से वंचित रखा, वैसा ही रवैया वर्तमान सरकार कांशीराम जी के प्रति अपना रही है। उन्होंने कहा कि देश में 'समतामूलक समाज' के निर्माण में कांशीराम जी का ऐतिहासिक योगदान है।
नाम बदलने की राजनीति पर जताई नाराजगी
पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने यूपी वर्तमान और पूर्ववर्ती सरकारों पर महापुरुषों के नाम पर बने स्मारकों, जिलों और संस्थानों के नाम बदलने का आरोप लगाया। उदाहरण देते हुए कहा कि लखनऊ में स्थापित 'मान्यवर श्री कांशीराम जी उर्दू, अरबी, फारसी यूनिवर्सिटी' का नाम पहले सपा सरकार ने बदला और फिर वर्तमान भाजपा सरकार ने उसे 'भाषा विश्वविद्यालय' बनाकर उसके महत्व को ही समाप्त कर दिया । इसी तरह 'मान्यवर श्री कांशीराम नगर' जिला और सहारनपुर में उनके नाम पर बने अस्पताल का नाम बदलने को उन्होंने संकीर्ण और जातिवादी मानसिकता का परिचायक बताया ।
'सत्ता की मास्टर की' हासिल करने का आह्वान
मायावती ने 'बहुजन समाज' के लोगों से आह्वान किया कि वे बसपा से जुड़कर सच्चे मिशनरी अम्बेडकरवादी बनें और अपनी वोट की शक्ति से 'सत्ता की मास्टर चाबी' प्राप्त करें । उन्होंने कहा कि केवल सत्ता प्राप्त करके ही संविधान में प्रदत्त अधिकारों को जमीन पर लागू किया जा सकता है और गुलामी व लाचारी के जीवन से मुक्ति मिल सकती है । उन्होंने आगाह किया कि प्रलोभन देकर वोट की शक्ति को कमजोर करने वाली पार्टियों और निजी स्वार्थ के लिए दगा करने वालों से सतर्क रहना जरूरी है ।





