Railway News : राम नवमी 2026 से ठीक पहले भारतीय रेलवे के लाखों कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। रेल मंत्रालय ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए ‘किलोमीटरेज अलाउंस’ (Kilometrage Allowance) और ‘अलाउंस इन ल्यू ऑफ किलोमीटरेज’ (ALK) में संशोधन को मंजूरी दे दी है। यह संशोधन 1 जनवरी 2024 से प्रभावी माना जाएगा, जिससे रेलवे के रनिंग स्टाफ को आर्थिक रूप से बड़ा फायदा मिलने वाला है।
रेल मंत्रालय का यह कदम लंबे समय से उठ रही मांगों के बाद आया है। रेलवे के प्रमुख कर्मचारी संगठनों—ऑल इंडिया रेलवेमेन फेडरेशन और नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवेमेन—ने लगातार इस भत्ते में वृद्धि की मांग की थी। अब इस फैसले से करीब 2 लाख रेलवे कर्मचारी सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे।
सबसे अहम बात यह है कि ‘किलोमीटरेज अलाउंस’ में 25 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई है। यह भत्ता मुख्य रूप से उन कर्मचारियों को मिलता है जो ट्रेन संचालन से जुड़े होते हैं, जैसे लोको पायलट, असिस्टेंट लोको पायलट और ट्रेन मैनेजर (गार्ड)। जब ये कर्मचारी ट्रेन चलाते हैं या ड्यूटी के दौरान यात्रा करते हैं, तो उन्हें उनके मूल वेतन के अलावा प्रति किलोमीटर के हिसाब से अतिरिक्त भुगतान दिया जाता है। अब इस दर में वृद्धि होने से उनकी कुल आय में सीधा इजाफा होगा।
इसी तरह ‘अलाउंस इन ल्यू ऑफ किलोमीटरेज’ (ALK) में भी 25 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। ALK उन परिस्थितियों में दिया जाता है जब रनिंग स्टाफ को ट्रेन संचालन के बजाय अन्य कार्यों जैसे प्रशिक्षण, मेडिकल जांच या प्रशासनिक मीटिंग में लगाया जाता है। पहले इन स्थितियों में कर्मचारियों को अपेक्षाकृत कम भुगतान मिलता था, लेकिन अब इसमें भी बढ़ोतरी से उनकी आय में संतुलन बना रहेगा।
रेलवे बोर्ड ने इस संबंध में 20 मार्च को आधिकारिक आदेश जारी किया है। चूंकि यह संशोधन 1 जनवरी 2024 से लागू माना गया है, इसलिए कर्मचारियों को बढ़े हुए भत्ते का एरियर (बकाया) भी मिलेगा। यह एक बड़ी आर्थिक राहत साबित होगी, खासकर ऐसे समय में जब महंगाई लगातार बढ़ रही है।
इस फैसले के पीछे एक महत्वपूर्ण कारण महंगाई भत्ता (DA) का 50 प्रतिशत से ऊपर पहुंचना भी है। ‘रेलवे सेवा (संशोधित वेतन) नियम, 2016’ के अनुसार, जब DA 50% से अधिक हो जाता है, तो कुछ विशेष भत्तों में संशोधन करना आवश्यक हो जाता है। इसी प्रावधान के तहत यह बदलाव किया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम संभावित 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (CPC) के लागू होने से पहले कर्मचारियों को राहत देने की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है। इससे न केवल कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि रेलवे संचालन की गुणवत्ता पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
कुल मिलाकर, राम नवमी से पहले लिया गया यह फैसला रेलवे के रनिंग स्टाफ के लिए एक बड़ी सौगात के रूप में देखा जा रहा है। बढ़े हुए भत्ते, एरियर का लाभ और भविष्य में वेतन आयोग की उम्मीद—इन सभी के बीच यह निर्णय कर्मचारियों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।






