1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jun 07, 2026, 10:06:07 AM
Khan Sir - फ़ोटो file photo
Khan Sir : पटना के चर्चित शिक्षक और खान ग्लोबल स्टडीज (KGS) के संचालक फैसल खान उर्फ खान सर से जुड़े विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। उनके खिलाफ दर्ज मामले में सरेंडर की अटकलों के बीच उनके वकील ने स्पष्ट कर दिया है कि खान सर अदालत में आत्मसमर्पण नहीं करेंगे। इसके बजाय उनकी ओर से सोमवार को पटना सिविल कोर्ट में अग्रिम जमानत (एंटिसिपेटरी बेल) के लिए याचिका दायर की जाएगी।
खान सर के अधिवक्ता अरविंद कुमार महुआर ने शनिवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि अग्रिम जमानत याचिका दाखिल करने की समय-सीमा शनिवार तक थी, लेकिन प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। अब कानूनी प्रावधानों के तहत सोमवार को अदालत में याचिका दायर की जाएगी। उन्होंने साफ किया कि फिलहाल खान सर के सरेंडर करने की कोई योजना नहीं है और वे कानूनी प्रक्रिया के जरिए राहत लेने की कोशिश करेंगे।
पूरा मामला 2 जून को खान ग्लोबल स्टडीज कोचिंग संस्थान के बाहर हुई हिंसक घटना से जुड़ा है। उस दिन कोचिंग सेंटर के बाहर तोड़फोड़, हंगामा और फायरिंग की खबर सामने आई थी। घटना के कई वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए थे, जिनमें कुछ लोग संस्थान के बाहर ईंट-पत्थर फेंकते, पोस्टर फाड़ते और हंगामा करते दिखाई दे रहे थे।
घटना के बाद खान सर ने आरोप लगाया था कि इस पूरे घटनाक्रम के पीछे ‘ज्ञान बिंदु’ कोचिंग संस्थान के संचालक रौशन आनंद का हाथ है। उनकी शिकायत के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए रौशन आनंद को गिरफ्तार भी किया था। हालांकि रौशन आनंद ने शुरुआत से ही खुद को निर्दोष बताया और कहा कि उन्हें जानबूझकर फंसाया जा रहा है।
मामले की जांच आगे बढ़ने पर कहानी पूरी तरह बदलती नजर आई। पुलिस की जांच में यह तथ्य सामने आया कि कोचिंग सेंटर के बाहर हुई फायरिंग कथित तौर पर बाहरी लोगों द्वारा नहीं, बल्कि खान ग्लोबल स्टडीज के सुरक्षा गार्डों द्वारा की गई थी। इसके बाद पुलिस ने संस्थान के दो सुरक्षा गार्डों को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान दोनों गार्डों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने खान सर के निर्देश पर फायरिंग की थी।
गार्डों के इस बयान के बाद जांच एजेंसियों ने मामले को गंभीरता से लिया और खान सर के खिलाफ भी आर्म्स एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली। एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास शुरू कर दिए। इसी वजह से यह चर्चा तेज हो गई थी कि खान सर किसी भी समय अदालत में सरेंडर कर सकते हैं। हालांकि अब उनके वकील के बयान के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि वे फिलहाल सरेंडर के बजाय अग्रिम जमानत का रास्ता अपनाएंगे।
घटना के शुरुआती चरण में खान सर ने फायरिंग के लिए रौशन आनंद और उनके समर्थकों को जिम्मेदार ठहराया था। लेकिन जांच में जब यह सामने आया कि फायरिंग उनके ही सुरक्षा गार्डों द्वारा की गई थी, तब उन्होंने अपने रुख में बदलाव किया।
खान सर की ओर से बाद में कहा गया कि सुरक्षा गार्डों ने आत्मरक्षा (सेल्फ डिफेंस) में हवाई फायरिंग की थी। उनका दावा था कि बड़ी संख्या में उपद्रवी कोचिंग संस्थान के बाहर जमा हो गए थे और स्थिति को नियंत्रित करने तथा हमलावरों को भगाने के लिए गार्डों ने हवा में गोली चलाई थी। हालांकि पुलिस इस दावे की भी जांच कर रही है और पूरे मामले की कानूनी पड़ताल जारी है।
फायरिंग मामले के बीच खान ग्लोबल स्टडीज एक और वजह से चर्चा में आ गया है। बिहार फायर सर्विस ने कोचिंग संस्थान में फायर सेफ्टी मानकों के उल्लंघन की बात कही है। बिहार फायर सर्विस के डीआईजी मनोज कुमार नट ने बताया कि हाल ही में किए गए निरीक्षण के दौरान संस्थान में अग्नि सुरक्षा से संबंधित कई कमियां पाई गईं। जांच टीम ने इन खामियों को दूर करने के लिए संस्थान प्रबंधन को आवश्यक निर्देश दिए हैं।
डीआईजी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि निर्धारित समयसीमा के भीतर फायर सेफ्टी से जुड़ी कमियों को दूर नहीं किया गया, तो जिला अग्निशमन पदाधिकारी द्वारा कोचिंग सेंटर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। इसमें संस्थान को सील करना और अन्य कानूनी कदम उठाना भी शामिल हो सकता है।
फिलहाल पूरे मामले में सभी की नजरें सोमवार पर टिकी हैं, जब खान सर की ओर से अग्रिम जमानत याचिका अदालत में दाखिल की जाएगी। अदालत का रुख क्या होगा और पुलिस जांच आगे किस दिशा में बढ़ेगी, यह आने वाले दिनों में साफ हो सकेगा। फिलहाल फायरिंग प्रकरण, गार्डों के बयान और फायर सेफ्टी नियमों में कथित अनियमितताओं ने खान ग्लोबल स्टडीज और उसके संचालक खान सर की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।