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केदारनाथ धाम में भारी बर्फबारी, 22 अप्रैल को खुलेंगे मंदिर के कपाट

भारी बर्फबारी के चलते केदारनाथ धाम पूरी तरह सफेद चादर से ढक गया है। घाटी में 3-4 फीट बर्फ जमी है, वहीं मंदिर के कपाट 22 अप्रैल को श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे।

केदारनाथ
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
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DESK: केदारनाथ धाम में इन दिनों भारी बर्फबारी के कारण पूरी घाटी सफेद चादर से ढक गई है। यहां तीन से चार फीट तक बर्फ जम चुकी है, जिससे पूरा क्षेत्र बेहद मनमोहक और दिव्य नजर आ रहा है। 


मंदिर समिति के अनुसार, केदारनाथ मंदिर और आसपास की घाटी बर्फ से आच्छादित है, जो श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इस वर्ष केदारनाथ मंदिर के कपाट 22 अप्रैल को श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे, जबकि गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट 19 अप्रैल को खुलेंगे।


कठोर ठंड और माइनस तापमान के बावजूद इंडो-तिब्बतन बॉर्डर पुलिस (आईटीबीपी) और उत्तराखंड पुलिस के जवान मुस्तैदी से सुरक्षा में तैनात हैं। वे लगातार गश्त कर रहे हैं और भारी बर्फबारी के बीच अपने बैरकों और आसपास जमी बर्फ को खुद साफ कर रहे हैं, ताकि ड्यूटी में कोई बाधा न आए।


राज्य सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। आध्यात्मिक और एडवेंचर टूरिज्म को ध्यान में रखते हुए बुनियादी ढांचे का विकास किया जा रहा है। तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए रोपवे परियोजनाओं पर भी तेजी से काम हो रहा है।


सरकार की योजना के तहत सोनप्रयाग से केदारनाथ धाम तक 12.9 किलोमीटर लंबा रोपवे लगभग 4,081 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जाएगा। इसके अलावा गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब तक 12.4 किलोमीटर लंबा रोपवे करीब 2,730 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जाएगा। इन परियोजनाओं के पूरा होने से यात्रा का समय कम होगा और श्रद्धालुओं को शारीरिक थकान से भी राहत मिलेगी।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शीतकालीन यात्रा को बढ़ावा देने के बाद अब सर्दियों में भी चारधाम यात्रा को लेकर लोगों में उत्साह बढ़ा है। पिछले दो वर्षों में शीतकालीन यात्रा के प्रति श्रद्धालुओं की रुचि में खासा इजाफा देखने को मिला है। सर्दियों में कपाट बंद होने के बाद भगवान की पूजा उनके शीतकालीन निवास स्थान पर की जाती है।

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Jitendra Vidyarthi

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

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