ब्रेकिंग
UCC पर डॉ प्रेम कुमार का बड़ा बयान, बोले- ‘एक देश, एक कानून’ पूरे भारत में लागू होमंत्री अशोक चौधरी बने असिस्टेंट प्रोफेसर, पटना के एएन कॉलेज में ली पहली क्लासनीतीश कुमार पर प्रशांत किशोर ने बोला बड़ा हमला, कहा..अब JDU भी परिवारवाद से अछूता नहीं रहा हाजीपुर में निगरानी की बड़ी कार्रवाई, 50 हजार घूस लेते खनन विभाग के दो कर्मचारी रंगेहाथ गिरफ्तारपटना में रामनवमी पर हाई अलर्ट, महावीर मंदिर समेत प्रमुख स्थलों पर कड़ी सुरक्षा के प्रबंधUCC पर डॉ प्रेम कुमार का बड़ा बयान, बोले- ‘एक देश, एक कानून’ पूरे भारत में लागू होमंत्री अशोक चौधरी बने असिस्टेंट प्रोफेसर, पटना के एएन कॉलेज में ली पहली क्लासनीतीश कुमार पर प्रशांत किशोर ने बोला बड़ा हमला, कहा..अब JDU भी परिवारवाद से अछूता नहीं रहा हाजीपुर में निगरानी की बड़ी कार्रवाई, 50 हजार घूस लेते खनन विभाग के दो कर्मचारी रंगेहाथ गिरफ्तारपटना में रामनवमी पर हाई अलर्ट, महावीर मंदिर समेत प्रमुख स्थलों पर कड़ी सुरक्षा के प्रबंध

प्रीमियम पेट्रोल के बाद इंडस्ट्रियल डीजल भी हुआ महंगा, IOC ने बढ़ा दिया इतना रेट; आम लोगों पर क्या होगा असर?

Diesel price hike India: IOC ने इंडस्ट्रियल डीजल की कीमत 109.59 रुपए प्रति लीटर कर दिया है. प्रीमियम पेट्रोल भी महंगा हो गया है. हालांकि आम पेट्रोल और डीजल की कीमतें फिलहाल स्थिर हैं.

Diesel price hike India
प्रतिकात्मक तस्वीर
© Google
Mukesh Srivastava
|
|AMP
विज्ञापन — Rectangle

Diesel price hike India: प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद अब इंडस्ट्रियल डीजल की कीमतें भी महंगी हो गई हैं। इंडियन ऑयल कारपोरेशन ने इंडस्ट्रियल डीजल के रेट में बड़ा संशोधन करते हुए इसे 87.67 रुपए प्रति लीटर से बढ़ाकर 109.59 रुपए प्रति लीटर कर दिया है। इस फैसले का असर औद्योगिक सेक्टर, लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्ट लागत पर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।


इंडस्ट्रियल डीजल आम पेट्रोल पंप पर उपलब्ध नहीं होता। इसे सीधे फैक्ट्रियां, बड़े जनरेटर, माइनिंग कंपनियां, कंस्ट्रक्शन साइट और पावर प्लांट खरीदते हैं। इससे पहले तेल कंपनियों ने ब्रांडेड और हाई-ऑक्टेन श्रेणी के प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में करीब 2 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। सामान्य पेट्रोल की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिससे आम उपभोक्ताओं को तत्काल राहत मिली है।


आर्थिक विश्लेषकों के अनुसार, यदि ईंधन की कीमतें इसी रफ्तार से बढ़ती रहीं, तो इसका असर धीरे-धीरे महंगाई और सप्लाई चेन पर भी दिख सकता है। वैश्विक तेल बाजार की अस्थिरता और मध्य पूर्व में जारी संघर्ष ने घरेलू ईंधन कीमतों पर दबाव बढ़ाया है, जिससे चुनिंदा ईंधन श्रेणियों के रेट पुनर्निर्धारित किए गए हैं।


विशेषज्ञों का कहना है कि औद्योगिक उत्पादन और माल ढुलाई महंगी होने पर इसका अप्रत्यक्ष असर आम उपभोक्ताओं तक पहुंचेगा और वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है। भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव का सीधा असर घरेलू ईंधन कीमतों पर पड़ता है। हालांकि, आम पेट्रोल और डीजल की कीमतें फिलहाल स्थिर हैं, जिससे वाहन चालकों को राहत मिली है, लेकिन ऊर्जा बाजार की अनिश्चितता के चलते आगे और बदलाव की संभावना बनी हुई है।

इस खबर के बारे में

रिपोर्टर / लेखक

Mukesh Srivastava

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

विज्ञापन

संबंधित खबरें