ब्रेकिंग
UCC पर डॉ प्रेम कुमार का बड़ा बयान, बोले- ‘एक देश, एक कानून’ पूरे भारत में लागू होमंत्री अशोक चौधरी बने असिस्टेंट प्रोफेसर, पटना के एएन कॉलेज में ली पहली क्लासनीतीश कुमार पर प्रशांत किशोर ने बोला बड़ा हमला, कहा..अब JDU भी परिवारवाद से अछूता नहीं रहा हाजीपुर में निगरानी की बड़ी कार्रवाई, 50 हजार घूस लेते खनन विभाग के दो कर्मचारी रंगेहाथ गिरफ्तारपटना में रामनवमी पर हाई अलर्ट, महावीर मंदिर समेत प्रमुख स्थलों पर कड़ी सुरक्षा के प्रबंधUCC पर डॉ प्रेम कुमार का बड़ा बयान, बोले- ‘एक देश, एक कानून’ पूरे भारत में लागू होमंत्री अशोक चौधरी बने असिस्टेंट प्रोफेसर, पटना के एएन कॉलेज में ली पहली क्लासनीतीश कुमार पर प्रशांत किशोर ने बोला बड़ा हमला, कहा..अब JDU भी परिवारवाद से अछूता नहीं रहा हाजीपुर में निगरानी की बड़ी कार्रवाई, 50 हजार घूस लेते खनन विभाग के दो कर्मचारी रंगेहाथ गिरफ्तारपटना में रामनवमी पर हाई अलर्ट, महावीर मंदिर समेत प्रमुख स्थलों पर कड़ी सुरक्षा के प्रबंध

रोजाना Coffee पीने वाले समय रहते हो जाएं सतर्क, इस तरह के लोगों को विशेष खतरा..

Coffee: रोजाना कॉफी पीने वालों के लिए डॉक्टरों ने जारी की चेतावनी। इस तरह के लोगों को विशेष खतरा। समय रहते नहीं चेते तो आने वाले दिनों में भगवान भी नहीं कर पाएंगे मदद..

Coffee
प्रतीकात्मक
© Google
Deepak KumarDeepak Kumar|
|AMP
विज्ञापन — Rectangle

Coffee: भारत में करोड़ों ऐसे लोग हैं जिनकी दिनचर्या कॉफी से शुरू होती है। यह ताजगी देती है और थकान दूर करती है, लेकिन अगर कॉफी पीने के बाद अचानक दिल में फड़फड़ाहट, तेज धड़कन या छलांग जैसा अहसास होता है तो यह चिंता की बात हो सकती है। पुणे के डीपीयू सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में आंतरिक चिकित्सा विभाग के सहायक प्रोफेसर बताते हैं कि कैफीन एक प्राकृतिक उत्तेजक है, जो कुछ लोगों में दिल की धड़कनों को अनियमित कर सकता है। ज्यादातर मामलों में यह हानिरहित होता है, लेकिन संवेदनशील लोगों के लिए समस्या बन सकता है।


कैफीन शरीर में एडेनोसिन को ब्लॉक करता है, जिससे सतर्कता तो बढ़ती है, लेकिन एड्रेनालिन का स्तर भी ऊपर जा सकता है। इससे दिल की विद्युत गतिविधि प्रभावित होती है और पल्पिटेशन जैसी शिकायतें हो सकती हैं। मुख्य कारणों में कैफीन की मात्रा, व्यक्तिगत सहनशीलता, जीन से जुड़ा मेटाबॉलिज्म, पहले से मौजूद हृदय समस्या या तनाव शामिल हैं। स्वस्थ वयस्कों के लिए रोजाना 300-400 मिलीग्राम कैफीन (लगभग 3-4 कप कॉफी) सुरक्षित माना जाता है, लेकिन इससे ज्यादा लेने पर जोखिम बढ़ जाता है। खाली पेट स्ट्रॉंग कॉफी या डिहाइड्रेशन के साथ यह प्रभाव और तेज हो सकता है।


अगर आपको लगता है कि कॉफी इस समस्या की वजह है तो पहले अपने लक्षणों पर नजर रखें। एक डायरी में नोट करें कि कब धड़कन अनियमित हुई, कितनी कॉफी पी थी और अन्य कारक क्या थे। मात्रा कम करके देखें या कुछ हफ्तों के लिए कैफीन पूरी तरह छोड़ दें। अगर लक्षण कम हो जाएं तो कारण साफ हो जाता है। ध्यान दें कि तनाव, नींद की कमी या पानी की कमी भी ऐसे ही लक्षण पैदा कर सकती है।


अधिकतर लोगों के लिए मॉडरेट कॉफी सुरक्षित है और कुछ अध्ययनों में तो यह हृदय स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद भी पाई गई है। लेकिन अगर पल्पिटेशन बार-बार हों, सीने में दर्द, चक्कर या सांस फूलने के साथ आएं तो तुरंत डॉक्टर से मिलें। ईसीजी जैसी जांच से गंभीर वजह का पता चल सकता है। अपनी आदतों को समझें और जरूरत पड़ने पर बदलाव करें, ताकि कॉफी का मजा बिना जोखिम के लिया जा सके।

इस खबर के बारे में
Deepak Kumar

रिपोर्टर / लेखक

Deepak Kumar

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

विज्ञापन

संबंधित खबरें