DESK: असम के तिनसुकिया जिले में रविवार को एक बड़ा उग्रवादी हमला हुआ, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। इस हमले में पुलिस कमांडो कैंप को निशाना बनाया गया, जिसमें चार जवान घायल हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार, यह हमला अल्फा (ULFA) उग्रवादियों द्वारा किया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हमला देर रात करीब 2 बजे शुरू हुआ और लगभग 20 मिनट तक जारी रहा। कैंप में मौजूद एक अधिकारी ने बताया कि रात 2 बजकर 1 मिनट पर पहला धमाका सुनाई दिया, जिसके बाद लगातार विस्फोट होते रहे। प्रारंभिक जांच में संदेह जताया गया है कि ये धमाके मोर्टार या रॉकेट से किए गए थे।
यह हमला लेखापानी पुलिस थाना क्षेत्र के जगुन चौकी अंतर्गत 10 मील इलाके में स्थित पुलिस शिविर पर हुआ, जो असम-अरुणाचल प्रदेश सीमा के पास एक संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। अधिकारियों के अनुसार, हमलावरों ने कम से कम पांच आरपीजी (रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड) दागे, जिनमें से चार शिविर के भीतर फटे। धमाकों के बाद फायरिंग की भी खबर है।
घायल कमांडोज का फिलहाल कैंप में ही इलाज किया जा रहा है। उनकी चोटों की गंभीरता के बारे में अभी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। घटना के बाद तिनसुकिया के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मयंक कुमार झा के नेतृत्व में पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया।
हमले के बाद पूरे तिनसुकिया जिले और ऊपरी असम के अन्य क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।
गौरतलब है कि पिछले साल अक्टूबर में भी इसी तरह की घटना सामने आई थी, जब संदिग्ध उग्रवादियों ने तिनसुकिया के काकोपाथर क्षेत्र में भारतीय सेना के एक कैंप पर गोलीबारी की थी। उस हमले में तीन सैनिक घायल हो गए थे। हमलावर चलती गाड़ी से आए थे और गोलीबारी के बाद मौके से फरार हो गए थे। सेना ने तत्काल कार्रवाई करते हुए इलाके को सुरक्षित कर लिया था और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की थी।





