Parliament Session: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बुधवार को लोकसभा में चुनाव सुधार पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि बीजेपी के लोग किसी भी चर्चा से भागते नहीं हैं। उन्होंने विपक्ष पर तंज कसा और कहा कि सांसदों को उनके भाषण के क्रम को तय करने का अधिकार केवल मुझे है, मैं सभी मुद्दों पर क्रमवार जवाब दूंगा।
इस दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शाह को चुनौती दी और कहा कि वे वोट चोरी से संबंधित तीन प्रेस कॉन्फ्रेंस पर चर्चा करें। अमित शाह ने इसका जवाब देते हुए कहा कि वे 30 साल से विधानसभाओं और लोकसभा का अनुभव रखते हैं और विपक्ष के नेता उन्हें अपने भाषण के क्रम में बाधित नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी पर जो भी सवाल हैं, उनका जवाब अदालत में दिया जाना चाहिए, संसद में नहीं।
शाह ने विपक्ष के आरोपों पर कहा कि चुनाव आयोग निष्पक्ष है और मतदाता सूची बनाने व सुधारने की जिम्मेदारी आयोग की है। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 325 और 326 का हवाला देते हुए बताया कि कोई भी पात्र मतदाता सूची से बाहर नहीं रखा जा सकता और पात्रता के नियम चुनाव आयोग तय करता है।
अमित शाह ने कहा कि हम बीजेपी और एनडीए वाले चर्चा से कभी नहीं भागते। अगर मतदाता सूची भ्रष्ट है तो सवाल उठाने वाले नेताओं ने शपथ क्यों ली?" उन्होंने विपक्षी नेताओं पर आरोप लगाया कि पहले ये परंपरा केवल कांग्रेस में थी, लेकिन अब पूरे विपक्षी गठबंधन में फैल गई है।





