Mokama murder case : बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण से ठीक पहले मोकामा में सियासी माहौल और हिंसा का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है। मोकामा विधानसभा क्षेत्र में कल शाम हुई घटनाओं ने आज भी पूरे इलाके में तनाव बनाए रखा है। दुलारचंद यादव की हत्या के बाद राजनीति गरमा गई है। उनका शव लेकर जनसुराज पार्टी और राजद के प्रत्याशी उनके घर पहुंचे और परिजनों को सांत्वना दी। वहीं, इस मामले में जांच की मांग जोर पकड़ रही है।
बीते कल अनंत सिंह और पीयूष प्रियदर्शी के काफिले आमने-सामने आए थे। जेडीयू के प्रत्याशी अनंत सिंह और जनसुराज पार्टी के कैंडिडेट पीयूष प्रियदर्शी के समर्थकों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि गोलीबारी और रोड़ेबाजी तक की घटना हो गई। इस दौरान पीयूष प्रियदर्शी के समर्थन में प्रचार कर रहे बाहुबली दुलारचंद यादव की हत्या कर दी गई। इस हत्याकांड के सिलसिले में पुलिस ने परिजनों के बयान के आधार पर अनंत सिंह समेत पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
आज सुबह अनंत सिंह के प्रचार वाहन पर फिर से हमला हुआ। जब उनका प्रचार गाड़ी यादव समाज बहुल इलाके से गुजर रही थी, तब कुछ उपद्रवी तत्वों ने गाड़ी पर हमला कर दिया। गनीमत रही कि ड्राइवर को कोई चोट नहीं लगी और वह मौके से सुरक्षित निकल गया। इस हमले के बाद पूरे इलाके को पुलिस ने छावनी में तब्दील कर दिया। अब हर चौराहे पर सेंट्रल पुलिस के जवान तैनात हैं, जिससे इलाके में थोड़ी शांति बहाल हुई है।
अनंत सिंह ने इस घटना पर अपनी प्रतिक्रिया दी और कहा कि जब यह बवाल हुआ, तब वे लगभग 30 गाड़ियां आगे थे। उनके काफिले की दस गाड़ियां पीछे रह गई थीं, उन पर हमला किया गया और गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए गए। जेडीयू प्रत्याशी ने दावा किया कि दुलारचंद यादव ने ही झगड़ा शुरू किया। साथ ही, उन्होंने आरजेडी प्रत्याशी वीणा देवी के पति और बाहुबली सूरजभान सिंह पर इस हिंसा की साजिश करने का आरोप लगाया।
सूरजभान सिंह ने भी इस मामले पर बयान दिया और कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने रिटायर्ड जज की बेंच बैठाकर जांच कराने की मांग की। उन्होंने साफ किया कि राजनीति में हिंसा की कोई जगह नहीं है और जांच के बाद ही सही तथ्य सामने आएंगे। उन्होंने इस मामले में और कुछ कहने से इनकार कर दिया।
मोकामा की सियासत फिलहाल काफी संवेदनशील बनी हुई है। पुलिस पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर रही है। मतदाता और राजनीतिक दल इस हत्याकांड के बाद बढ़ते तनाव और हिंसा के बीच चुनावी गतिविधियों को लेकर सतर्क हैं। यह घटना बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण की तैयारियों और सुरक्षा पर भी सवाल खड़ा कर रही है।






