Bihar Election 2025 : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर जारी एग्जिट पोल के नतीजों पर राजद नेता और महागठबंधन के सीएम उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने एग्जिट पोल को बीजेपी समर्थित “फर्जी कहानी” करार दिया और कहा कि बिहार की जनता ने इस बार निर्णायक बदलाव के लिए वोट किया है। तेजस्वी ने दावा किया कि 14 नवंबर को मतगणना के बाद सच्चाई सबके सामने होगी और महागठबंधन राज्य में भारी बहुमत से सरकार बनाएगा।
तेजस्वी यादव ने कहा कि एग्जिट पोल एजेंसियां अक्सर सत्ता पक्ष के दबाव में काम करती हैं और इस बार भी ऐसा ही किया गया है। उन्होंने कहा, “ये आंकड़े जनता की असली राय नहीं हैं। हमने पूरे बिहार में गांव-गांव जाकर जो माहौल देखा, उसमें लोग बेरोजगारी, महंगाई और भ्रष्टाचार से परेशान हैं। जनता बदलाव चाहती है और इस बार बिहार ने परिवर्तन का मन बना लिया है।”
तेजस्वी ने कहा कि एग्जिट पोल को लेकर न तो उन्हें कोई आश्चर्य है और न ही चिंता, क्योंकि उन्हें जनता पर पूरा भरोसा है। “14 नवंबर को मतगणना के बाद एग्जिट पोल करने वालों को अपने आंकड़ों पर शर्मिंदगी होगी। जनता ने इस सरकार को नकार दिया है। मैं सभी लोगों से अपील करता हूं कि अफवाहों पर ध्यान न दें और लोकतंत्र की ताकत पर भरोसा रखें,” उन्होंने कहा।
“1995 से बेहतर प्रतिक्रिया मिली”
प्रेस कॉन्फ्रेंस में तेजस्वी यादव ने कहा कि दो चरणों में संपन्न हुए चुनाव के बाद उन्हें जो फीडबैक मिला है, वह बेहद उत्साहजनक है। “1995 से भी बेहतर प्रतिक्रिया हमें देखने को मिली है। इस बार बिहार की जनता ने भारी मतदान कर इस सरकार के खिलाफ वोट दिया है। अब कहीं कोई गुंजाइश नहीं बची है—बदलाव निश्चित है,” तेजस्वी ने कहा।
उन्होंने कहा कि मतदान समाप्त होने के बाद जो रुझान सामने आए हैं, वे साफ दिखाते हैं कि जनता ने बेरोजगारी, महंगाई और शिक्षा व्यवस्था में गिरावट से तंग आकर सत्ता परिवर्तन का मन बना लिया है। तेजस्वी ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि 14 नवंबर को जब नतीजे आएंगे, तो बिहार की जनता का फैसला साफ तौर पर महागठबंधन के पक्ष में होगा।
“18 को शपथ ग्रहण तय”
तेजस्वी यादव ने आगे कहा, “हमने पहले ही कहा था कि 14 तारीख को नतीजे आएंगे और 18 को शपथ ग्रहण होगा। यह निश्चित तौर पर होने जा रहा है। बीजेपी और एनडीए के पसीने छूट रहे हैं, वे बौखलाहट में हैं और बेचैन हैं।” उन्होंने आरोप लगाया कि एनडीए अब माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहा है, क्योंकि उन्हें अपनी हार साफ दिख रही है।
तेजस्वी ने मतदान के दिन की घटनाओं पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लोग वोटिंग के लिए लंबी कतारों में खड़े थे और मतदान पूरी तरह खत्म भी नहीं हुआ था कि एग्जिट पोल जारी कर दिए गए। “यह सब योजनाबद्ध तरीके से किया गया ताकि लोगों के मनोबल को कमजोर किया जा सके। लेकिन बिहार की जनता समझदार है, वो किसी झांसे में नहीं आएगी।”
“काउंटिंग में गड़बड़ी हुई तो जनता देगी जवाब”
तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग और प्रशासन को भी चेतावनी देते हुए कहा कि इस बार अगर मतगणना में कोई गड़बड़ी की गई तो जनता चुप नहीं बैठेगी। उन्होंने कहा, “काउंटिंग स्लो कराने की साजिश की जा रही है। पिछली बार भी खेल हुआ था। लेकिन इस बार जनता तैयार है। अगर मतगणना में कोई भी गड़बड़ी हुई तो मुंहतोड़ जवाब मिलेगा।”
उन्होंने यह भी कहा कि महागठबंधन के कार्यकर्ता हर मतगणना केंद्र पर सतर्क रहेंगे। “हमारे लोग हर जगह एक्टिव हैं और हर चीज पर नजर रखी जा रही है। हमें भरोसा है कि चुनाव आयोग निष्पक्षता से काम करेगा। लेकिन अगर किसी ने लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश की, तो बिहार की जनता उसे माफ नहीं करेगी,” तेजस्वी ने कहा।
“जनता ने विश्वास जताया है परिवर्तन पर”
तेजस्वी यादव ने कहा कि इस बार बिहार की जनता ने जाति और धर्म की राजनीति से ऊपर उठकर रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य के मुद्दों पर वोट किया है। उन्होंने कहा, “हमारी लड़ाई मुद्दों की राजनीति को आगे बढ़ाने की है। जनता ने जो विश्वास दिखाया है, वह इस बात का प्रमाण है कि बिहार अब विकास की नई राह पर चलना चाहता है।”
उन्होंने कहा कि महागठबंधन की सरकार बनने के बाद सबसे पहला लक्ष्य युवाओं को रोजगार देना और राज्य में शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना होगा। तेजस्वी ने दोहराया कि वे बिहार को “नया दिशा और नया अवसर” देने के लिए तैयार हैं।
तेजस्वी यादव का यह बयान न सिर्फ एग्जिट पोल के नतीजों को चुनौती देता है, बल्कि बिहार की राजनीति में एक बार फिर से माहौल को गर्म कर गया है। एक ओर जहां एनडीए एग्जिट पोल के अनुमानों से उत्साहित है, वहीं तेजस्वी और महागठबंधन ने इसे सिरे से खारिज करते हुए 14 नवंबर को असली नतीजों से “जनादेश का फैसला” आने की बात कही है। अब सबकी निगाहें मतगणना के दिन पर टिकी हैं, जब तय होगा कि बिहार की सत्ता पर किसका कब्जा होगा—एनडीए या महागठबंधन।






