Bihar Election : बिहार में विधानसभा चुनाव 2025 का माहौल चरम पर है। दूसरे चरण के चुनाव प्रचार का अंतिम दिन जहां नेताओं के लिए जनता तक अपनी बात पहुँचाने का आखिरी मौका था, वहीं इसी दिन नेता प्रतिपक्ष और महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव का जन्मदिन भी था। 9 नवंबर को तेजस्वी यादव ने अपना 36वां जन्मदिन मनाया। लेकिन, इस बार उनका जन्मदिन केवल परिवार के साथ एक सादा समारोह तक सीमित नहीं रहा — बल्कि इसके अगले दिन दिन उन्होंने बिहार की जनता के नाम एक भावुक पैगाम भी लिखा, जिसने लोगों के दिलों को छू लिया।
तेजस्वी यादव ने अपने एक्स (पूर्व ट्विटर) हैंडल पर लिखा कि चुनावी व्यस्तता के बीच वे जनता के बधाई संदेशों से अभिभूत हैं। उन्होंने लिखा, "जन्मदिवस पर प्राप्त आपके बधाई संदेशों से अभिभूत हूँ तथा अथाह स्नेह, समर्थन, आशीर्वाद एवं शुभकामना देने वाले सभी सम्मानित वरिष्ठजनों, अभिभावकों और साथियों का सहृदय आभारी हूँ।"
तेजस्वी यादव ने अपने संदेश में यह भी कहा कि जनता का यही स्नेह और समर्थन उन्हें हर विषम परिस्थिति में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि यह ऊर्जा उन्हें बिहार के हर व्यक्ति की आवाज़ बनने और अन्याय-अत्याचार के खिलाफ मजबूती से खड़े रहने की ताकत देती है। तेजस्वी ने लिखा, "आपका यही स्नेह और सहयोग मुझे विषम परिस्थितियों में भी अपने दायित्वों का आभास दिलाते हुए आगे बढ़ने की प्रेरणा और ऊर्जा देता है कि बिहार के जन-जन की आवाज़ बन सकूँ, बिहार पर हो रहे हर अन्याय और अत्याचार के ख़िलाफ़ मज़बूती से खड़ा रह सकूँ एवं सत्यनिष्ठा के साथ जनसेवा की कसौटी पर स्वयं को सिद्ध कर आप सब की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का निरंतर प्रयास करता रहूँ... बिना रुके ... बिना थके।"
तेजस्वी यादव ने यह भी कहा कि चुनाव प्रचार की व्यस्तता के कारण वे सभी शुभचिंतकों को व्यक्तिगत रूप से धन्यवाद नहीं दे पा रहे हैं, लेकिन वे सभी के प्रति दिल से आभार व्यक्त करते हैं। उन्होंने लिखा, "चुनावी व्यस्तता के बीच आप सभी को व्यक्तिगत रूप से धन्यवाद व्यक्त कहने में असमर्थ होने के नाते क्षमाप्रार्थी भी हूँ। आपकी अपेक्षाओं को पूर्ण करने की ईश्वर और जनता मालिक हमें शक्ति दे, बस यही मनोकामना है। आप सबों का पुनः हार्दिक आभार। धन्यवाद!"
तेजस्वी यादव ने अपने जन्मदिन को केवल जश्न का नहीं, बल्कि जनता के प्रति संकल्प दोहराने का दिन बताया। उन्होंने कहा कि 14 नवंबर को जब जनता उन्हें जनादेश देगी, तो वे “प्राण झोंक कर भी” जनता से किए गए हर वादे को पूरा करेंगे। उनके इस संकल्प भरे संदेश को हजारों लोगों ने सोशल मीडिया पर साझा किया और शुभकामनाएँ दीं।
तेजस्वी यादव ने सुबह पटना में परिवार के सदस्यों के साथ सादगीपूर्वक जन्मदिन मनाया। बताया जा रहा है कि इस मौके पर राबड़ी देवी और उनके भाई तेज प्रताप यादव भी मौजूद थे। परिवार के साथ केक काटने के बाद तेजस्वी यादव सीधे चुनावी सभाओं के लिए रवाना हो गए। उन्होंने मधेपुरा, सीतामढ़ी, दरभंगा और अररिया में कई रैलियों को संबोधित किया। इन सभाओं में उन्होंने एनडीए सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर जनता से वोट की अपील की।
महागठबंधन के कार्यकर्ताओं के लिए भी तेजस्वी यादव का यह जन्मदिन किसी ऊर्जा से कम नहीं रहा। उनके समर्थकों ने सोशल मीडिया पर #HappyBirthdayTejashwiYadav और #BiharWantsChange जैसे हैशटैग ट्रेंड करवाए। कई जगह कार्यकर्ताओं ने गरीबों को भोजन वितरण किया और रक्तदान शिविर भी लगाए।
तेजस्वी यादव का यह जन्मदिन इसलिए भी खास रहा क्योंकि बिहार चुनाव के दूसरे चरण का प्रचार उसी दिन समाप्त हुआ। अब 11 नवंबर को 20 जिलों की 122 सीटों पर मतदान होना है। चुनाव के इस निर्णायक मोड़ पर तेजस्वी यादव ने जनता के नाम अपने इस भावुक संदेश से न केवल अपनी विनम्रता दिखाई, बल्कि एक जननेता के रूप में अपनी प्रतिबद्धता को भी दोहराया।
उन्होंने अपने संदेश में जो सबसे अहम बात कही, वह यह थी — “जनता मालिक है।” यह वाक्य उनके राजनीतिक दर्शन और जनसेवा की भावना को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। तेजस्वी यादव ने अपने जन्मदिन के मौके पर जनता से सीधा संवाद करते हुए यह भरोसा दिलाया कि यदि उन्हें जनादेश मिलता है तो वे बिना रुके, बिना थके, बिहार के विकास और जनता की भलाई के लिए काम करेंगे।
तेजस्वी यादव का यह जन्मदिन महज एक व्यक्तिगत अवसर नहीं रहा, बल्कि यह बिहार की राजनीति के एक युवा चेहरे द्वारा जनता के प्रति किए गए वचन और समर्पण का प्रतीक बन गया। चुनावी भीड़ और प्रचार की भागदौड़ के बीच जनता के नाम लिखा गया उनका यह संदेश आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।






