Prashant Kishor : बिहार की राजनीति इन दिनों नए सियासी बयानों और आरोप-प्रत्यारोपों से गरमा गई है। जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर (PK) ने एक बार फिर नीतीश कुमार सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यदि सम्राट चौधरी और मंगल पांडे को मंत्री बनाया जाता है, तो वे और उनकी टीम न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाएंगे और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने समेत कानूनी कार्रवाई करेंगे।
प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार में भ्रष्टाचार और खराब छवि वाले नेताओं को सत्ता में शामिल करना जनता के साथ धोखा है। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से आग्रह किया कि इस बार मंत्रिमंडल में केवल “स्वच्छ छवि” वाले नेताओं को ही जगह दी जाए। उन्होंने कहा कि जनता बदलाव चाहती है और ऐसे में विवादित छवि वाले नामों को जगह देना राज्य के हित में नहीं होगा।
"मैं राजनीति करता ही नहीं, पद त्यागने का सवाल ही नहीं" — PK
जब PK से पूछा गया कि उन्होंने पहले कहा था— "नीतीश कुमार को 25 सीट आएंगी तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा"— इस पर उन्होंने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे किसी राजनीतिक पद पर हैं ही नहीं, इसलिए पद छोड़ने का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने कहा “मैं कौन सा पद छोड़ूं? मैं राजनीति करता ही नहीं हूं। मैं तो बिहार के लोगों की बात करता हूं। बिहार की बात बोलना कैसे बंद कर दूं? यह तो मेरा अधिकार है।”PK ने आगे कहा कि उनका मकसद सिर्फ बिहार को एक बेहतर दिशा देना है और वे किसी पार्टी, पद या सत्ता के लिए काम नहीं कर रहे हैं।
10 हजार की जगह 2 लाख देने की बात पर बोले PK
प्रशांत किशोर ने हाल ही में सरकार द्वारा दी जाने वाली आर्थिक मदद पर भी बड़ा सवाल उठाया था। उन्होंने कहा कि अगर सरकार 10,000 रुपये की जगह 2 लाख रुपये देने की योजना लागू कर देती है, तो वे तुरंत इस्तीफा दे देंगे। इस पर उन्होंने कहा—“मैं किसी राजनीतिक पद पर ही नहीं हूं, तो इस्तीफ़ा देने का सवाल ही नहीं उठता। लेकिन यदि सरकार वादा पूरा नहीं करती है, तो मैं इसके खिलाफ आंदोलन जरूर करूंगा।”
उनका कहना था कि सरकार चुनाव जीतने के बाद योजनाओं की बात भूल जाती है, लेकिन यदि वे अपने वादे पूरे कर दें, तो उन्हें राजनीति में रहने की कोई आवश्यकता ही नहीं होगी। उन्होंने साफ कहा कि अगर राज्य सरकार उस योजना को लागू कर दे, जिसके वादे पर सरकार बनी है, तो वे बिहार छोड़कर चले जाएंगे।
चुनाव आयोग पर टिप्पणी से किया इंकार
जब उनसे चुनाव आयोग के फैसलों और कामकाज पर प्रतिक्रिया मांगी गई, तो प्रशांत किशोर ने यह कहते हुए टिप्पणी करने से इनकार कर दिया कि उन्हें EC की कार्यशैली पर बोलने की जरूरत नहीं महसूस होती। उन्होंने कहा—“इलेक्शन कमीशन ने क्या किया, क्या नहीं किया, इस पर मुझे कोई टिप्पणी नहीं करनी है।”
वे इस मुद्दे पर पूरी तरह तटस्थ नजर आए और सिर्फ बिहार के विकास और सरकार की जवाबदेही पर ही बात करने की बात कही। PK ने फिर साधा सरकार पर निशाना प्रशांत किशोर ने एक बार फिर नीतीश कुमार सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकार को चुनाव में किए वादों को पूरी ईमानदारी के साथ लागू करना चाहिए। उन्होंने तीखे लहजे में कहा—“आप जिस योजना के तहत सरकार में आए हैं, उसे लागू कर दीजिए। उसके बाद राजनीति क्या चीज है, मुझे बिहार ही छोड़कर जाना पड़े तो मैं चला जाऊंगा।”
PK ने कहा कि वे बिहार की जनता के हितों के लिए अपनी आवाज उठाते रहेंगे, चाहे इसके लिए उन्हें कितनी भी आलोचना या विरोध झेलना पड़े। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार की राजनीति में भ्रष्टाचार, वादाखिलाफी और गलत छवि वाले नेताओं की एंट्री रोकना बेहद जरूरी है।
प्रशांत किशोर का यह बयान स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि बिहार की राजनीति आने वाले दिनों में और ज्यादा गर्माने वाली है। सम्राट चौधरी और मंगल पांडे जैसे नेताओं को मंत्री बनाए जाने की स्थिति में कोर्ट जाने की उनकी चेतावनी ने राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। उनका यह रुख सरकार के सामने एक संदेश है कि जनता के मुद्दों और छवि की राजनीति को आगे रखना ही बिहार की जरूरत है।






