Bihar election duty : बिहार के वैशाली जिले के हाजीपुर में रविवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब नालंदा से सीतामढ़ी जा रही आईटीबीपी (ITBP) जवानों से भरी एक बस में अचानक आग लग गई। घटना सदर थाना क्षेत्र के रामाशीष चौक के पास हुई, जहां बस के आगे के हिस्से से अचानक धुआं उठता देख ड्राइवर ने सूझबूझ दिखाते हुए बस को तुरंत साइड में रोक दिया। बस में मौजूद जवानों ने भी तत्परता दिखाते हुए बिना देर किए सभी यात्रियों और सामान को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में सभी जवान पूरी तरह से सुरक्षित हैं और किसी को भी कोई चोट नहीं आई है।
जानकारी के अनुसार, नालंदा में चुनावी ड्यूटी पूरी करने के बाद आईटीबीपी के जवान एक प्राइवेट बस से सीतामढ़ी लौट रहे थे। बस जैसे ही हाजीपुर के रामाशीष चौक के पास पहुंची, तभी अचानक इंजन के हिस्से से तेज धुआं निकलने लगा। ड्राइवर और आगे बैठे जवानों ने तुरंत खतरे का अहसास किया और बस को सड़क के किनारे रोक दिया। इसके बाद सभी जवान तेजी से बस से बाहर निकले और अपने साथ रखे सामान को भी सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
स्थानीय लोगों ने दिखाई फुर्ती
घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। लेकिन स्थिति को देखते हुए स्थानीय लोगों ने बिना देर किए मदद के लिए आगे आए। कुछ लोगों ने पानी की बाल्टियों और पाइप की मदद से आग पर काबू पाने की कोशिश शुरू कर दी। इस दौरान कई लोग आग बुझाने में आईटीबीपी जवानों के साथ जुट गए। जल्द ही आग पर नियंत्रण पा लिया गया, जिससे बस पूरी तरह जलने से बच गई।
घटनास्थल पर पहुंची पुलिस
सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने तुरंत आसपास के इलाके को खाली कराया और यातायात को अस्थायी रूप से रोक दिया ताकि किसी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके। कुछ देर के लिए हाजीपुर-छपरा मुख्य मार्ग पर यातायात बाधित रहा, लेकिन पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से जल्द ही स्थिति सामान्य कर दी गई।
आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं
अब तक आग लगने के सही कारणों का पता नहीं चल सका है। हालांकि प्राथमिक जांच में अनुमान लगाया जा रहा है कि बस के इंजन के वायरिंग या डीजल पाइप में किसी तरह की तकनीकी खराबी के कारण धुआं और फिर आग लगी होगी। पुलिस और दमकल विभाग इस घटना की जांच कर रहे हैं।
दूसरी बस से जवान रवाना
आईटीबीपी जवानों के लिए मौके पर तुरंत दूसरी बस मंगाई गई। सभी जवान अपने सामान के साथ नई बस में सवार होकर सीतामढ़ी के लिए रवाना हो गए। जवानों ने स्थानीय लोगों और पुलिस प्रशासन का आभार जताया, जिनकी मदद से एक बड़ा हादसा टल गया।
स्थानीय प्रशासन की तत्परता और लोगों की त्वरित प्रतिक्रिया से यह बड़ा हादसा होने से बच गया। अगर समय पर बस को नहीं रोका गया होता या आग फैल जाती, तो यह घटना गंभीर रूप ले सकती थी। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि मुसीबत के समय जनता और प्रशासन की त्वरित प्रतिक्रिया किसी भी आपदा को बड़ी दुर्घटना बनने से रोक सकती है।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद हाजीपुर और आसपास के इलाके में राहत की सांस ली जा रही है। स्थानीय लोगों ने बताया कि बस में सवार जवानों की सुरक्षा देखकर सबने चैन की सांस ली। वहीं पुलिस प्रशासन ने कहा कि जांच के बाद बस मालिक और चालक से पूछताछ की जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
आईटीबीपी जवानों की सूझबूझ, स्थानीय लोगों की मदद और पुलिस की तत्परता से यह संभावित बड़ा हादसा टल गया। घटना ने एक बार फिर यह दिखा दिया कि सतर्कता और सामूहिक प्रयास किसी भी संकट की घड़ी में जीवन रक्षक साबित हो सकते हैं।






