Bihar Transfer Posting: बिहार में जून का महीना ट्रांसफर-पोस्टिंग का होता है. नीतीश सरकार ने यह व्यवस्था बना रखा है कि हर साल जून महीने में विभाग के स्तर से ही अधिकारियों का स्थानांतरण किया जायेगा. इस महीने में विभागीय मंत्री के स्तर से तबादले की फाइल का निबटारा किया जाता है. जुलाई से लेकर मई महीने तक अधिकारियों के तबादले की फाइल मुख्यमंत्री को भेजी जाती है. हालांकि जून महीने में मंत्री स्तर से होने वाले स्थानांतरण को लेकर सवाल भी उठते रहे हैं. जून महीने में हर् साल विवाद बढ़ता है, सरकार की भद्द पिटती है. विवाद बढ़ने के बाद मुख्यमंत्री के स्तर से तबादला आदेश स्थगित भी किया गया है. इस बार चुनावी वर्ष है, लिहाजा अधिकारियों के ट्रांसफऱ-पोस्टिंग में नया विवाद न हो जाय, सरकार की बदनामी न हो जाय, इसे लेकर नीतीश सरकार हरकत चिंतित है. लिहाजा सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव को पत्र लिखा है.
मुख्य सचिव के आदेश के बाद हरकत में जीएडी
सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव बी. राजेन्दर ने आज 27 जून को सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव को पत्र लिखा है.जिसमें कहा गया है कि जून महीने में किए जाने वाले स्थानांतरण-पदस्थापन की पूर्व विवरणी 1 जूलाई को उपलब्ध कराएं. अपर मुख्य सचिव ने अपने पत्र में कहा है कि मुख्य सचिव ने 26 जून को इस संबंध में निदेशित किया है. इस विषय में कहना है कि बिहार कार्यपालिका नियमावली में जून माह में स्थानांतरण-पदस्थापन से संबंधित दिशा निर्देश दिया गया है. इस आलोक में सभी विभागों द्वारा जून माह में बड़े स्तर पर स्थानांतरण पदस्थापन किया जाता है. ऐसे में जून 2025 में सभी विभागों में हुए स्थानांतरण पदस्थापन आदेश की एक कॉपी एक जुलाई 2025 तक सामान्य प्रशासन विभाग को निश्चित रूप से उपलब्ध कराएं. इसे सर्वोच्च प्राथमिकता दिया जाए.
बता दें, बिहार के मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा ने इस संबंध में 26 जून को ही सामान्य प्रशासन विभाग को गोपनीय पत्र भेजा था. जिसमें कहा गया है कि सभी विभागों से तबादला आदेश की कॉपी मंगवाएं.





