Bihar News: UP, गोरखपुर के गौतम विहार विस्तार कॉलोनी में रहने वाले प्रवीण शास्त्री को 4 नवंबर को फोन कर धमकी दी गई है। वे उस रात देवरिया से कार्यक्रम करके लौट रहे थे। रात ठीक 10 बजकर 58 मिनट पर उनका मोबाइल बजा। यह कॉल बिहार से थी। जैसे ही उन्होंने फोन उठाया, दूसरी तरफ से भद्दी गालियों की बौछार शुरू हो गई।
कॉलर ने तेज आवाज में कहा, “अबकी बार मोदी-योगी दोनों चले जाएंगे। अपने सांसद रवि किशन को समझा दो, कोई नहीं बचा पाएगा।” इसके बाद उसने और अपशब्द बोले और 42 सेकंड में फोन काट दिया। प्रवीण शास्त्री ने इस कॉल रिकॉर्ड कर लिया। वे भाजपा के सक्रिय कार्यकर्ता हैं और स्थानीय स्तर पर पार्टी का काम देखते हैं।
अगली सुबह 5 नवंबर को 9 बजकर 17 मिनट पर वही नंबर फिर बजा। इस बार कॉलर ने सिर्फ एक वाक्य कहा, “देख लेंगे तुम्हें।” प्रवीण ने दूसरी कॉल भी रिकॉर्ड की और फौरन रामगढ़ताल थाने पहुंचे। वहां थाना प्रभारी इंस्पेक्टर नितिन रघुनाथ श्रीवास्तव को लिखित तहरीर सौंपी। तहरीर में साफ लिखा गया कि कॉलर ने सांसद रवि किशन को भी जान से मारने की धमकी दी है।
थाने में मुकदमा संख्या 1125/2025 दर्ज हो गया। धारा 506 (आपराधिक धमकी), 504 (जानबूझकर अपमान) और 507 (अज्ञात व्यक्ति से धमकी) लगाई गई हैं। इंस्पेक्टर श्रीवास्तव ने बताया, “दोनों ऑडियो और कॉल डिटेल रिकॉर्ड हमारे पास है। यह नंबर बिहार के एक जिले में रजिस्टर्ड है। साइबर सेल से लोकेशन ट्रेस कराई जा रही है। 48 घंटे में कोर्ट में चार्जशीट पेश कर देंगे।”
पुलिस ने प्रवीण शास्त्री के घर के बाहर दो कांस्टेबल तैनात कर दिए हैं। मोहल्ले में दिन-रात गश्त शुरू कर दी गई है। प्रवीण की पत्नी और दो बच्चे अब रात में दरवाजा खटखटाने की आवाज से भी चौंक जाते हैं। प्रवीण ने कहा, “हम डरने वाले नहीं, लेकिन परिवार की सुरक्षा जरूरी है। पुलिस से जल्द उस शख्स की गिरफ्तारी की उम्मीद है।”
इस घटना की खबर फैलते ही गोरखपुर जिले के कई भाजपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस से सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। स्थानीय भाजपा नेता ने कहा, “चुनाव के समय ऐसी धमकियां बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।” पुलिस अधीक्षक डॉ. गौरव ग्रोवर ने सभी थानों को निर्देश दिया है कि हर छोटी शिकायत पर तुरंत एफआईआर दर्ज हो।
सांसद रवि किशन को जब फोन पर जानकारी दी गई तो उन्होंने कहा, “मैंने प्रवीण भाई से बात की। पुलिस जो कर रही है, सही कर रही है। अपराधी को जल्द पकड़ा जाएगा।” पुलिस का दावा है कि बिहार पुलिस से समन्वय कर कॉलर तक पहुंचने में देर नहीं लगेगी।






