CM Oath Ceremony: बिहार में नई एनडीए सरकार के गठन की तैयारियां तेज हो गई हैं और इसी क्रम में मुख्यमंत्री पद की शपथ एक बार फिर पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित की जाएगी। यह वही स्थल है जहां वर्ष 2015 में भी नीतीश कुमार ने भारी बहुमत के साथ महागठबंधन सरकार का शपथग्रहण किया था। इस बार फिर बड़े जनादेश की खुशी में एनडीए ने गांधी मैदान को ही इस महत्त्वपूर्ण आयोजन के लिए चुना है। बुधवार या गुरुवार को होने वाले इस समारोह की आधिकारिक तिथि प्रधानमंत्री कार्यालय की मंजूरी के बाद तय होगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत देशभर के शीर्ष एनडीए नेता और कई राज्यों के मुख्यमंत्री इस भव्य शपथग्रहण में शामिल होंगे।
नई सरकार के शपथग्रहण समारोह को लेकर रविवार का पूरा दिन पटना से दिल्ली तक राजनीतिक हलचल के नाम रहा। मुख्यमंत्री आवास पर नेताओं का तांता लगा रहा। सुबह सबसे पहले केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिले और दोनों नेताओं के बीच लंबी बातचीत हुई। इसके बाद ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र यादव करीब डेढ़ घंटे तक मुख्यमंत्री के साथ रहे। साथ ही, संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी भी इस बैठक में मौजूद थे। माना जा रहा है कि इन बैठकों में नई सरकार के ढांचे, मंत्रिमंडल के शुरुआती स्वरूप और विभागों के संभावित बंटवारे पर विस्तृत चर्चा हुई।
इसके अलावा रालोमो प्रमुख उपेन्द्र कुशवाहा, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, भाजपा के वरिष्ठ नेता विजय सिन्हा और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ. दिलीप जायसवाल भी नीतीश कुमार से मिलने पहुंचे। दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात कर लौटे केंद्रीय मंत्री ललन सिंह तथा जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने भी शाम को मुख्यमंत्री से मुलाकात की। इन नेताओं की एक के बाद एक होने वाली बैठकों से स्पष्ट संकेत मिलता है कि शपथग्रहण के पहले ही सरकार के स्वरूप को लेकर लगभग सहमति बन चुकी है।
गांधी मैदान को शपथग्रहण के लिए चुना जाना केवल एक औपचारिक निर्णय नहीं, बल्कि यह एनडीए के बड़े जनादेश के प्रति जनता को धन्यवाद देने का प्रतीकात्मक संदेश भी है। अनुमान है कि समारोह में हजारों की संख्या में लोग शामिल होंगे। प्रधानमंत्री समेत कई केंद्रीय मंत्रियों, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों और वीवीआईपी मेहमानों के आगमन को देखते हुए सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतज़ाम किए जाएंगे। जिला प्रशासन ने मैदान में विशाल मंच, जनसभा के लिए अलग-अलग सेक्शन, सुरक्षा घेरा और विशेष प्रोटोकॉल को लेकर तैयारियाँ शुरू कर दी हैं।
शपथग्रहण के दौरान सबसे पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शपथ लेंगे, जिसके बाद उपमुख्यमंत्रियों — सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा — को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई जाएगी। इसके बाद शुरुआती दौर में चुनिंदा मंत्रियों को शपथ दिलाई जाएगी, जबकि मंत्रिमंडल का विस्तार बाद की तारीख में किया जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक, इस बार एनडीए संतुलित और संख्या आधारित प्रतिनिधित्व पर जोर देगा, ताकि सभी सहयोगी दलों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
गांधी मैदान 17 से 20 नवंबर तक आम लोगों के लिए बंद
शपथग्रहण की तैयारियों को देखते हुए जिला प्रशासन ने गांधी मैदान को 17 से 20 नवंबर तक आम लोगों के लिए बंद कर दिया है। हालांकि, बंदी की आधिकारिक वजह उजागर नहीं की गई है, लेकिन माना जा रहा है कि मैदान में सुरक्षा और व्यवस्थाओं के निर्माण का काम निर्बाध रूप से जारी रखने के लिए यह कदम उठाया गया है। विशाल मंच, पंडाल, बैरिकेडिंग और प्रोटोकॉल व्यवस्था तैयार करने के लिए प्रशासनिक टीमें दिन-रात लगी हुई हैं।
एनडीए सरकार का यह शपथग्रहण न केवल राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि इसे बिहार की नई दिशा और जनादेश के सम्मान के रूप में भी देखा जा रहा है। जैसे 2015 में महागठबंधन सरकार के शपथग्रहण में देशभर के बड़े नेता एकत्र हुए थे, वैसे ही इस बार भी गांधी मैदान फिर से राष्ट्रीय राजनीतिक केंद्र बनने वाला है।





