Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण की 121 सीटों पर आज यानी गुरुवार, 6 नवंबर को सुबह 7 बजे से मतदान शुरु होगा है। राज्य के 18 जिलों में फैली इन सीटों पर 3.75 करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। चुनाव आयोग ने मतदान को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष कराने के लिए सुरक्षा व्यवस्था के अभूतपूर्व इंतज़ाम किए हैं। 4.5 लाख से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है, जिनमें केंद्रीय सुरक्षा बलों की 1500 कंपनियाँ, 20,000 प्रशिक्षु सिपाही, होमगार्ड और जिला पुलिस के जवान शामिल हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि पहले चरण के मतदान के लिए सभी 18 जिलों में सुरक्षा बलों ने मोर्चा संभाल लिया है। केंद्रीय अर्धसैनिक बल (CAPF) की 1500 कंपनियों को संवेदनशील और अतिसंवेदनशील इलाकों में तैनात किया गया है। राज्य पुलिस और एसटीएफ के साथ समन्वय बनाकर इन बलों ने बूथों, नदी और टाल क्षेत्रों सहित नक्सल प्रभावित इलाकों में फ्लैग मार्च किया है।
बिहार पुलिस के डीजीपी विनय कुमार ने कहा कि “चुनाव में हिंसा या गड़बड़ी फैलाने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। अगर किसी ने उपद्रव करने की कोशिश की, तो प्रिवेंटिव डिटेंशन के तहत तत्काल गिरफ्तारी की जाएगी और चुनाव बाद ऐसे मामलों का स्पीडी ट्रायल कर सजा सुनिश्चित की जाएगी।” उन्होंने आम नागरिकों से भयमुक्त होकर मतदान करने की अपील की।
डीजीपी ने बताया कि मतदान के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी, धनबल या शराब वितरण जैसी घटनाओं की जानकारी सीधे डायल 112, जिला नियंत्रण कक्ष या चुनाव आयोग की हेल्पलाइन पर दी जा सकती है। सूचनाओं पर तुरंत कार्रवाई के लिए राज्य पुलिस मुख्यालय में डीजीपी कंट्रोल रूम 24 घंटे कार्यरत रहेगा। साथ ही चुनाव आयोग के सभी सेक्टर मजिस्ट्रेट और पर्यवेक्षकों को वायरलेस नेटवर्क से जोड़ा गया है ताकि हर बूथ की स्थिति का रियल टाइम मॉनिटरिंग हो सके।
चुनाव के दौरान नकद, शराब और मादक पदार्थों की अवैध आवाजाही रोकने के लिए बिहार से सटी सभी अंतरराष्ट्रीय और अंतरराज्यीय सीमाएँ सील कर दी गई हैं। बिहार की नेपाल से 730 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा के अलावा उत्तर प्रदेश, झारखंड और पश्चिम बंगाल की सीमाओं पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
पहले चरण में उत्तर प्रदेश से सटे गोपालगंज, सारण, सीवान, भोजपुर और बक्सर जिलों में मतदान हो रहा है। इन इलाकों में कुशीनगर, देवरिया, बलिया और गाजीपुर जैसे यूपी के सीमावर्ती जिलों में “मिरर चेक पोस्ट” बनाए गए हैं, जहां एसएसबी और बिहार पुलिस की संयुक्त टीमें निगरानी कर रही हैं।
चुनाव आयोग ने हर मतदान केंद्र पर सशस्त्र सुरक्षा बलों की तैनाती के साथ ही 100% वेबकास्टिंग की व्यवस्था की है। इससे आयोग के मुख्यालय से सीधे सभी बूथों की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जा सकेगी। संवेदनशील मतदान केंद्रों पर ड्रोन कैमरों से भी निगरानी रखी जा रही है।
बिहार चुनाव के इस पहले चरण में लगभग 1314 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें 122 महिलाएँ शामिल हैं। प्रशासन की प्राथमिकता शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने की है ताकि मतदाता निर्भीक होकर लोकतंत्र के इस उत्सव में हिस्सा ले सकें। डीजीपी ने कहा कि “हमारा उद्देश्य है कि हर नागरिक सुरक्षित माहौल में वोट डाल सके। सुरक्षा बल पूरी तरह तैयार हैं और बूथ से लेकर सीमा तक कड़ी चौकसी बरती जा रही है।”
बिहार चुनाव 2025 के पहले चरण के बाद, दूसरे चरण की वोटिंग 11 नवंबर को होगी और नतीजे 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे। राज्य में लोकतंत्र का यह महापर्व एक बार फिर यह तय करेगा कि जनता किसे अपना प्रतिनिधि चुनती है और बिहार की नई राजनीतिक दिशा क्या होगी।





