Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर शुक्रवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समेत एनडीए के सभी प्रमुख नेताओं ने संयुक्त घोषणा पत्र (संकल्प पत्र) जारी कर दिया। इस दस्तावेज में आगामी पांच वर्षों के लिए राज्य के विकास, महिलाओं और युवाओं के सशक्तिकरण, कृषि सुधार, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में विशेष योजनाओं का जिक्र किया गया है। एनडीए के इस घोषणा पत्र को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। पीएम मोदी ने इसे विकसित और आत्मनिर्भर बिहार का विजन करार दिया।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव के लिए जारी एनडीए का संकल्प पत्र राज्य के किसानों, युवाओं, माताओं और बहनों के साथ-साथ सभी नागरिकों के जीवन को आसान बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह दस्तावेज़ न केवल योजनाओं और नीतियों की रूपरेखा है, बल्कि बिहार में डबल इंजन सरकार द्वारा किए गए प्रयासों की पूरी तस्वीर भी प्रस्तुत करता है।
इसके पहले नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने एनडीए के संकल्प पत्र को ‘जुमला’ करार दिया था। उन्होंने दावा किया कि घोषणाओं के बावजूद वास्तविक कार्यान्वयन में पारदर्शिता और ठोस बदलाव नहीं दिखाई देते। इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है, और यह चुनावी विषय भी बन गया है।
पीएम मोदी ने कहा कि बिहार की डबल इंजन सरकार ने राज्य के चौतरफा विकास के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य में सुशासन को जन-जन की समृद्धि का आधार बनाने के लिए सभी योजनाओं और नीतियों में तेजी लाई गई है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि एनडीए के संकल्प पत्र में किसानों के लिए कृषि सुधार, सिंचाई और आधुनिक तकनीक, युवाओं के लिए रोजगार सृजन, स्टार्टअप और कौशल विकास, महिलाओं के लिए वित्तीय और सामाजिक सशक्तिकरण योजनाओं का विशेष उल्लेख है।
एनडीए का यह संकल्प पत्र न केवल चुनावी रणनीति का हिस्सा है, बल्कि जनता को यह संदेश देने की कोशिश है कि डबल इंजन सरकार ने विकास की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी का बयान और समर्थन एनडीए की चुनावी पकड़ को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
एनडीए के इस घोषणा पत्र में विशेष रूप से बिहार में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क निर्माण, महिला और बाल विकास, कृषि, उद्योग और रोजगार सृजन जैसे क्षेत्रों पर जोर दिया गया है। पार्टी ने यह भी कहा कि आगामी सरकार इन क्षेत्रों में नई पहल करेगी, जिससे बिहार का हर नागरिक लाभान्वित हो। इसके अलावा योजना यह भी है कि महिलाओं और युवाओं को ज्यादा अवसर प्रदान किए जाएं और राज्य में डिजिटल इंडिया व आत्मनिर्भर भारत के विजन को मजबूत किया जाए।
राजनीतिक पटल पर यह घोषणा पत्र महागठबंधन के घोषणापत्र के मुकाबले चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है। एनडीए के नेताओं का दावा है कि उनका संकल्प पत्र हर वर्ग के हितों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। पीएम मोदी ने उम्मीद जताई कि जनता-जनार्दन का भरपूर समर्थन इन प्रयासों को मिलेगा और बिहार विकास के नए आयाम छू सकेगा।





