Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर चुनाव आयोग ने चुनावी सभाओं, रैलियों और जुलूसों के आयोजन पर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने कहा है कि राजनीतिक दलों को किसी भी सभा या जुलूस से पहले स्थान, समय, प्रतिभागियों की संख्या और सुरक्षा योजना का विस्तृत ब्यौरा देना होगा।
चुनावी कार्यक्रमों के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करने हेतु आवेदन कम से कम 72 घंटे पहले देना अनिवार्य होगा। नियमों का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। चुनाव प्रक्रिया को सुचारू, पारदर्शी, त्वरित और अनुशासित बनाने के उद्देश्य से भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देश पर सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया गया है।
इस व्यवस्था के तहत राजनीतिक दल, उम्मीदवार और आयोजक एक ही मंच से आम सभा, जुलूस, रैली, प्रचार वाहन, लाउडस्पीकर और हेलीकॉप्टर/हेलीपैड से जुड़ी सभी अनुमतियों के लिए आवेदन कर सकेंगे। अनुमति पूरी पारदर्शिता और निर्धारित प्रक्रिया के तहत दी जाएगी।
सभा और जुलूस के लिए आवेदन की प्रक्रिया
सभा या रैली आयोजित करने वाले राजनीतिक दलों को आवेदन में यह स्पष्ट करना होगा कि रैली में कितने लोग शामिल होंगे, कहां से कहां तक और कितनी अवधि में यह निकलेगी। इस आयोजन से संबंधित थाना के थानाध्यक्ष की ओर से विधि-व्यवस्था से जुड़ा एनओसी (NOC) सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से प्राप्त किया जाएगा।
यदि जुलूस को सभा में बदलने की स्थिति आती है, तो आयोजक को नई एनओसी प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य होगा। लाउडस्पीकर की अनुमति लाउडस्पीकर अधिनियम के तहत संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) द्वारा दी जाएगी, जिसकी जिम्मेदारी भी सिंगल विंडो सिस्टम पर होगी।
निर्वाचन कार्यालय और भूमि से जुड़े नियम
चुनाव कार्यालय के लिए सरकारी भूमि या भवन का उपयोग वर्जित रहेगा। निजी भवन या भूमि पर कार्यालय खोलने से पूर्व भू-स्वामी का एनओसी (NOC) देना अनिवार्य होगा। इसके साथ अंचलाधिकारी का सत्यापन प्रतिवेदन भी आवश्यक है।
हेलीकॉप्टर और हेलीपैड के उपयोग पर सख्ती
हेलीकॉप्टर से प्रचार या हेलीपैड निर्माण की अनुमति प्राप्त करने के लिए राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को जिला निर्वाचन पदाधिकारी को आवेदन देना होगा। आवेदन में हेलीकॉप्टर में आने वाले लोगों की संख्या, विमान की पंजीकरण संख्या, सीटों की क्षमता, उतरने और प्रस्थान की तिथि, समय एवं अवधि समेत अन्य विवरण देना जरूरी होगा।
सभा के दौरान विधि-व्यवस्था की पूरी जिम्मेदारी आयोजक की होगी। यदि हेलीकॉप्टर विद्यालय परिसर में उतारा जाता है, तो प्रधानाध्यापक की अनुमति अनिवार्य होगी। इसके अतिरिक्त अग्निशमन विभाग का एनओसी भी सिंगल विंडो सेल को प्राप्त करना होगा। निजी भूमि पर हेलीपैड बनाने की स्थिति में भू-स्वामी से एनओसी लेना आवश्यक होगा।





