Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव और आठ विधानसभा क्षेत्रों में होने वाले उपचुनाव को लेकर भारत निर्वाचन आयोग ने प्रवर्तन एजेंसियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। आयोग का उद्देश्य चुनावों में धन शक्ति, मुफ्त वस्तुओं, नशीली दवाओं और शराब के दुरुपयोग को रोकना है।
निर्वाचन आयोग ने बताया कि राज्य पुलिस विभाग, आयकर विभाग, राज्य उत्पाद विभाग, आरबीआई, CGST, SGST, DRI, ED, NCB, RPF, CISF, SSB, BCAS, AAI, डाक विभाग, राज्य वन विभाग और राज्य सहकारी विभाग समेत सभी संबंधित एजेंसियों को चुनावी नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
चुनाव व्यय पर्यवेक्षक उम्मीदवारों के खर्च पर नजर रखेंगे। वे अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में जाकर व्यय निगरानी टीमों से मिलेंगे और खर्च की नियमित रिपोर्टिंग करेंगे। आयोग ने फ्लाइंग स्क्वॉड, सर्विलांस टीमें और वीडियो निगरानी टीमों को चौबीसों घंटे सतर्क रहने का निर्देश भी दिया है।
चुनाव के दौरान इलेक्शन सीज़र मैनेजमेंट सिस्टम को सक्रिय कर दिया गया है, जिससे प्रवर्तन एजेंसियां और फ्लाइंग स्क्वॉड जब्तियों की वास्तविक समय पर रिपोर्टिंग कर सकें। चुनाव अधिसूचना जारी होने के बाद से अब तक विभिन्न एजेंसियों द्वारा कुल 33.97 करोड़ रुपये मूल्य की नकदी, शराब, नशीली दवाएं और मुफ्त वस्तुएं जब्त की गई हैं।
निर्वाचन आयोग ने यह भी कहा कि प्रवर्तन कार्रवाई के दौरान आम जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा या उत्पीड़न का सामना नहीं करना चाहिए। किसी भी चुनावी उल्लंघन की सूचना देने के लिए नागरिक C-Vigil App का उपयोग कर सकते हैं। उप निदेशक पवन ने कहा कि “हमारा उद्देश्य स्वच्छ और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करना है। सभी प्रवर्तन एजेंसियां सतर्क हैं और चुनाव के दौरान किसी भी अनियमितता पर तुरंत कार्रवाई करेंगी।”





