Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 इस बार कई मायनों में ऐतिहासिक रहा। राज्य के चुनावी इतिहास में पहली बार किसी भी बूथ पर पुनर्मतदान की आवश्यकता नहीं पड़ी। भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि दूसरे चरण की 122 सीटों पर हुए मतदान के सभी दस्तावेजों की जांच पूरी कर ली गई है। आयोग द्वारा नियुक्त 122 आरओ (रिटर्निंग ऑफिसर) और 122 सामान्य पर्यवेक्षकों ने मतदान अभिलेखों की बारीकी से जांच की। इस प्रक्रिया में 460 उम्मीदवारों और उनके प्रतिनिधियों ने भाग लिया। जांच में किसी भी मतदान केंद्र पर गड़बड़ी नहीं मिली, जिसके बाद किसी भी जगह से पुनर्मतदान की सिफारिश नहीं की गई। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की गई और निर्वाची पदाधिकारियों ने फॉर्म 17A व संबंधित सामग्रियों को दोबारा सील कर दिया।
राज्य में इस बार मतदाताओं का उत्साह देखने लायक रहा। कुल 67.13% मतदान दर्ज किया गया — जो पिछले विधानसभा चुनावों की तुलना में अधिक है। पहले चरण में 65.08% और दूसरे चरण में 69.20% वोटिंग हुई। खास बात यह रही कि महिलाओं ने पुरुषों से 8.8% अधिक मतदान किया, जो बिहार की राजनीति में महिलाओं की निर्णायक भूमिका का स्पष्ट संकेत है। पुरुषों का मतदान प्रतिशत 62.98% और महिलाओं का 71.78% रहा। कुल 7,45,26,858 मतदाताओं में से 5,00,29,879 ने वोट डाला, जबकि 2,44,96,978 मतदाता मतदान से दूर रहे।
वहीं, पुनर्मतदान को लेकर भी इस बार का चुनाव ऐतिहासिक रहा। पिछले पांच चुनावों में पुनर्मतदान की घटनाएं देखी गई थीं
2015 विधानसभा चुनाव: 2 बूथ
2020 विधानसभा चुनाव: 3 बूथ
2014 लोकसभा चुनाव: 96 बूथ
2019 लोकसभा चुनाव: 3 बूथ
2024 लोकसभा चुनाव: 2 बूथ
इस बार किसी भी बूथ से गड़बड़ी, हिंसा या चुनावी प्रक्रिया में बाधा की कोई शिकायत नहीं मिली, जो राज्य में बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था और मतदाताओं की बढ़ी हुई जागरूकता को दर्शाता है।
राज्य के 46 मतगणना केंद्रों पर कल सुबह 8 बजे से वोटों की गिनती शुरू होगी। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विनोद सिंह गुंजियाल ने सभी जिलों के डीएम को निर्देश दिया है कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा तय मानकों का सख्ती से पालन किया जाए। मतगणना परिसर में मोबाइल फोन ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। विजय जुलूस, नारेबाजी और भीड़ जुटाने जैसी गतिविधियों पर भी रोक लगाई गई है। उन्होंने कहा कि यदि किसी ने आदेशों का उल्लंघन किया तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी ताकि मतगणना के बाद राज्य की विधि व्यवस्था बनी रहे।
सुबह 9 बजे से प्रारंभिक रुझान आने लगेंगे और दोपहर 2 बजे तक करीब 200 विधानसभा सीटों की तस्वीर साफ हो जाने की संभावना है। अंतिम परिणाम आने के बाद संबंधित निर्वाची पदाधिकारी विजेता उम्मीदवार को सर्टिफिकेट प्रदान करेंगे।
पटना के ए.एन. कॉलेज स्थित स्ट्रांग रूम में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। एक राउंड में 14 ईवीएम की गिनती होगी और इसके लिए 14 टेबल लगाए गए हैं। सुबह 6 बजे तृतीय रैंडमाइजेशन प्रक्रिया के माध्यम से यह तय किया जाएगा कि किस टेबल पर किस अधिकारी की ड्यूटी होगी। गिनती की शुरुआत बैलेट पेपर और डाक मतपत्रों (Postal Ballots) से होगी, जिन्हें स्कैनर से स्कैन किया जाएगा। इसके बाद सुबह 8:30 बजे से ईवीएम के वोटों की गिनती शुरू होगी।
अगर मतगणना के दौरान फॉर्म 17C और ईवीएम डेटा में बेमेल* पाया गया, तो उस केंद्र की वीवीपैट पर्चियों की गिनती की जाएगी। अंतिम राउंड से पहले पोस्टल बैलेट पेपर की गिनती पूरी कर ली जाएगी। इस बार महिलाओं का रिकॉर्ड मतदान राज्य के चुनाव परिणामों में महत्वपूर्ण और निर्णायक भूमिका निभा सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की लंबी कतारें इस बात का संकेत हैं कि वे अब सिर्फ सहभागी नहीं, बल्कि बिहार की राजनीति की नई दिशा तय करने वाली शक्ति बन चुकी हैं। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि, बिहार ने लोकतंत्र की परिपक्वता का परिचय दिया है। बिना किसी पुनर्मतदान के चुनाव संपन्न होना राज्य की शांति, मतदाताओं की सजगता और प्रशासनिक सटीकता का प्रमाण है।”





