1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated May 11, 2026, 2:10:07 PM
प्रतिकात्मक तस्वीर - फ़ोटो Google
Bihar Crime News: बिहार के सीतामढ़ी जिले में भारत-नेपाल सीमा से सटे इलाकों में फर्जी आधार कार्ड और अन्य सरकारी दस्तावेज तैयार करने वाले एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। यह गिरोह नेपाली नागरिकों समेत अन्य लोगों को 5 से 12 हजार रुपये में फर्जी आधार कार्ड, आवासीय प्रमाणपत्र और जन्म प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने का दावा कर रहा है।
सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय इस अवैध कारोबार ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है, खासकर आगामी एमएलसी और पंचायत चुनावों को देखते हुए। आशंका जताई जा रही है कि फर्जी दस्तावेजों के जरिए मतदाता सूची में नाम जोड़ने की कोशिश की जा सकती है। जानकारी के अनुसार यह नेटवर्क परिहार, बेला, सुरसंड, बोखरा, सोनबरसा, मेजरगंज, गाढ़ा और बैरगनिया समेत अन्य इलाकों में तेजी से फैल चुका है।
धंधेबाज दावा करते हैं कि चाहे व्यक्ति नेपाल का हो या किसी अन्य देश का, उसे पूरी तरह ओरिजनल दिखने वाला आधार कार्ड उपलब्ध कराया जा सकता है। एक मामले में नेपाली नागरिक बनकर संपर्क करने पर एजेंट ने सभी प्रकार के सरकारी दस्तावेज बनाने की बात स्वीकार की और उन्हें वैध बताने का भरोसा भी दिया।
गिरोह के अनुसार आधार कार्ड बनने में एक सप्ताह से तीन महीने तक का समय लग सकता है और यदि कार्ड रद्द हो जाए तो उसे दोबारा बनवाने की भी गारंटी दी जाती है। इस नेटवर्क में फर्जी जन्म प्रमाणपत्र, आवासीय प्रमाणपत्र और नकली पारिवारिक दस्तावेजों का इस्तेमाल किया जाता है। कई मामलों में डमी व्यक्तियों को खड़ा कर सत्यापन प्रक्रिया पूरी कराई जाती है।
इस अवैध नेटवर्क के प्रमुख केंद्रों में सुरसंड के कोरियाही, कुम्मा और बाजार क्षेत्र, परिहार बाजार, बेला का लक्ष्मीपुर बाजार, बोखरा का झिटकी चौक, सोनबरसा का हनुमान चौक, बैरगनिया स्टेशन बाजार और गाढ़ा चौक शामिल बताए जा रहे हैं।
हाल के दिनों में पुलिस ने कई कार्रवाई की है। 6 मई को बोखरा थाना क्षेत्र में छापेमारी कर फर्जी दस्तावेज बनाने वाले दो लोगों को गिरफ्तार किया गया था। 5 मई को बेला के लक्ष्मीपुर बाजार से एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया, जबकि गाढ़ा चौक से भी एक दुकानदार को गिरफ्तार कर फर्जी आधार और आयुष्मान कार्ड से जुड़े उपकरण बरामद किए गए।
इससे पहले 2021 और 2025 में भी कई बार ऐसे नेटवर्क का भंडाफोड़ हो चुका है, जिसमें दर्जनों लोगों की गिरफ्तारी हुई थी और भारी मात्रा में उपकरण बरामद किए गए थे। अमित रंजन ने बताया कि फर्जी आधार कार्ड बनाने के इनपुट पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। जनवरी से अब तक आधा दर्जन से अधिक लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और अभियान आगे भी जारी रहेगा। साथ ही यूआईडीएआई को भी जांच के लिए पत्र भेजा गया है।