1st Bihar Published by: Viveka Nand Updated May 31, 2026, 1:58:28 PM
निलंबित आईएएस अफसर - फ़ोटो Google
Bihar News: टेंडर घोटाले के मास्टरमाइंड रिशु श्री से लाभ लेने के मामले में लपेटे में आए भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के दो अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। सम्राट सरकार की यह सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है. नई सरकार ने एक झटके में ही 2017 बैच के आईएएस अधिकारी योगेश कुमार सागर और 2014 बैच की आईएएस अधिकारी अभिलाषा कुमारी शर्मा को निलंबित कर दिया है. सम्राट चौधरी की इस कार्रवाई से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है.हालांकि अगले 24 से 48 घंटे के अंदर एक और बड़ी कार्रवाई की तैयारी है.
रिशु श्री को सत्ता का सबसे बड़ा दलाल किसने बनाया ?
रिशु श्री को सत्ता का सबसे बड़े दलाल किसने बनाया ? दलाल से लाभ किन आईएएस अफसरों ने ली ? क्या उन सब पर एक्शन होगा ? विदेश टूर और अनुचित लाभ लेने वाले दो आईएएस अफसर तो सस्पेंड हो गए, तीसरे अफसर पर भी एक्शन होगा ? बताया जाता है कि रिशु श्री को इतना बड़ा दलाल बनाने में जिसने भी खाद-पानी दिया, वो भी रडार पर हैं. अगले 24 से 48 घंटे में एक और बड़ी कार्रवाई हो सकती है. सम्राट सरकार ने इसकी तैयारी कर ली है. संभव है कि जिस आईएएस अफसर के संरक्षण में रिशु श्री इतना बड़ा ताकतवर शख्स बना, वो भी बेनकाब हो जाएं.
सोमवार को एक और बड़ा एक्शन होगा....?
विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि रिशु श्री मामले में सोमवार को एक और बड़ी कार्रवाई करने की तैयारी है. गाज किस पर गिरेगी, कौन अफसर सस्पेंड होंगे ? इस पर तरह-तरह की चर्चा जारी है. हालांकि सबकी निगाहें, एक ही अफसर पर है, जिनके एक महत्वपूर्ण विभाग में सबसे बड़े पद पर रहते हुए रिशु श्री की ताकत बढ़ी.
दोनों अफसरों पर मुकदमा भी दर्ज होगा ?
विश्वस्त सूत्रों की मानें तो प्रवर्तन निदेशालय ने आईएएस अफसर अभिलाषा शर्मा और योगेश कुमार सागर की पूरी कुंडली खंगालकर राज्य सरकार को दिया था. साथ ही तत्काल कार्रवाई की सिफारिश की थी. कार्रवाई का मतलब था मुकदमा दर्ज कर एक्शन लेना. लेकिन तब की सरकार यानि नीतीश सरकार ने इस मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया. काफी दबाव के बाद सत्ता के दलाल रिशु श्री के खिलाफ विशेष निगरानी इकाई में करप्शन का केस दर्ज किया गया था. जानकार बताते हैं कि ईडी ने अनुचित लाभ देने और लेने वालों पर करप्शन केस दर्ज कर कार्रवाई की सिफारिश की थी. पर सत्ता में बैठे आईएएस लॉबी ने आरोपी दोनों अफसरों को बचा लिया. अब नई सरकार यानि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रिशु श्री और आईएएस अफसरों के गठजोड़ वाली फाइल खोलकर नौकरशाहों के करप्शन कांड को बेनकाब कर दिया है. दोनों अफसरो को सस्पेंड करने के बाद अब विशेष निगरानी इकाई में केस दर्ज करने की तैयारी है.
रिशु श्री ने योगेश सागर को विदेश टूर कराया
निलंबित आईएएस अफसर योगेश कुमार सागर निलंबन से पहले समाज कल्याण विभाग के एक निदेशालय में निदेशक पद पर तैनात थे, जबकि अभिलाषा शर्मा ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत संचालित जीविका परियोजना की मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी (CEO) के रूप में कार्यरत थी. उत्तर प्रदेश के बरेली निवासी योगेश कुमार सागर पर आरोप है कि टेंडर घोटाले के आरोपी रिशु श्री ने उन्हें और उनके परिजनों को अपने खर्च पर यूरोप की सैर कराई। जांच में सामने आया है कि इस यात्रा में योगेश सागर के साथ उनके आठ रिश्तेदार भी शामिल थे। बताया जा रहा है कि सभी ने कई यूरोपीय देशों का भ्रमण किया और यात्रा, होटल सहित अन्य खर्च रिशु श्री ने वहन किए। इस पूरी यात्रा पर करीब 21.92 लाख रुपये खर्च होने की बात सामने आई है। आरोप है कि एक सरकारी अधिकारी होने के बावजूद उन्होंने निजी लाभ स्वीकार किया, जो सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन माना जा रहा है।
अभिलाषा शर्मा पर भी गंभीर आरोप
अभिलाषा कुमारी शर्मा पर भी रिशु श्री से अनुचित लाभ लेने के आरोप लगे हैं। आरोप है कि रिशु ने उनके आवास की छत पर करीब 9 लाख रुपये की लागत से बागवानी और सौंदर्यीकरण कार्य कराया था। इसके अलावा जांच में यह भी सामने आया है कि अभिलाषा शर्मा के कई रिश्तेदारों की देश के विभिन्न शहरों की यात्राओं का खर्च भी रिशु श्री ने उठाया।
इतना ही नहीं, उन्हें और उनके परिजनों को महंगे उपहार, आईफोन सहित कई कीमती वस्तुएं भी दिए जाने के आरोप हैं। अभिलाषा शर्मा पूर्व में सीतामढ़ी की जिलाधिकारी (DM) भी रह चुकी हैं.
सम्राट सरकार ने दोनों अधिकारियों को 30 मई को निलंबन का आदेश जारी किया है. सरकार ने प्रथम दृष्टया आरोपों को गंभीर मानते हुए दोनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई को प्रशासनिक सेवा तंत्र में भ्रष्टाचार और प्रभावशाली लोगों से सांठगांठ के खिलाफ सरकार की बड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। वहीं, मामले की जांच अभी जारी है और आगे और भी खुलासे होने की संभावना है।