1st Bihar Published by: SONU KUMAR Updated May 31, 2026, 8:25:23 PM
खुल गई दावों की पोल - फ़ोटो Reporter
Bihar News: बिहार के कटिहार जिले के मोरसंडा गांव से एक बेहद हैरान करने वाली तस्वीर सामने आई है। यहां आज भी ग्रामीणों को अपने प्रियजनों के अंतिम संस्कार के लिए जान जोखिम में डालकर उफनती नदी पार करनी पड़ती है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
मोरसंडा पंचायत से गुजरने वाली बरंडी नदी तीन पंचायतों के कई गांवों को जोड़ने वाली प्रमुख जीवनरेखा है। प्रखंड मुख्यालय फलका तक पहुंचने के लिए यह मात्र 4 किलोमीटर का सबसे छोटा मार्ग है। लेकिन नदी पर पुल नहीं होने के कारण ग्रामीणों को वैकल्पिक रास्ते से करीब 12 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है।
बाढ़ प्रभावित इस क्षेत्र में हर वर्ष ग्रामीण अपने स्तर पर चंदा जुटाकर बांस का अस्थायी 'चचरी पुल' बनाते हैं। हालांकि, तेज बहाव और बाढ़ के दौरान यह पुल अक्सर बह जाता है, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ जाती है।
वायरल वीडियो की पड़ताल में सामने आया कि हाल ही में मोरसंडा पंचायत निवासी 50 वर्षीय अरविंद महलदार का निधन हो गया था। अंतिम संस्कार के लिए परिजन और ग्रामीण उनके शव को बरंडी नदी स्थित कमला घाट श्मशान ले जा रहे थे। पुल नहीं होने के कारण दर्जनों ग्रामीणों को अर्थी को कंधे पर उठाकर नदी के बीच से गुजरना पड़ा।
वीडियो में देखा जा सकता है कि नदी में पर्याप्त पानी होने के बावजूद लोग बेहद सावधानी से आगे बढ़ रहे हैं। इस दौरान तेज बहाव के कारण किसी भी समय बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई थी। यह दृश्य ग्रामीणों की मजबूरी और क्षेत्र में आधारभूत ढांचे की कमी को उजागर करता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि आजादी के बाद से अब तक कई जनप्रतिनिधि आए और गए, लेकिन बरंडी नदी पर पुल निर्माण का सपना पूरा नहीं हो सका। क्षेत्र के लोगों का मानना है कि पुल बनने से हजारों ग्रामीणों को राहत मिलेगी और आवागमन के साथ-साथ आपातकालीन सेवाओं तक पहुंच भी आसान होगी। ग्रामीणों ने सरकार और जनप्रतिनिधियों से जल्द से जल्द स्थायी पुल निर्माण की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी को ऐसी कठिन परिस्थितियों का सामना न करना पड़े।
कटिहार से सोनू चौधरी की रिपोर्ट..