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बिहार में 1 जून से शुरू होगा "खेत बचाओ अभियान", कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा करेंगे शुभारंभ; किसानों की समस्या का ऑन स्पॉट होगा समाधान

Bihar News: बिहार में 1 जून से 30 जून तक "खेत बचाओ अभियान" चलाया जाएगा, जिसका शुभारंभ कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा करेंगे। वैज्ञानिकों और कृषि विशेषज्ञों की टीमें किसानों की समस्याओं का ऑन-द-स्पॉट समाधान करेंगी।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated May 31, 2026, 7:23:45 PM

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Bihar News: बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा 1 जून 2026 को, पूरे राज्य में महीने भर चलने वाले ऐतिहासिक "खेत बचाओ अभियान" का भव्य शुभारंभ करेंगे। 30 जून तक चलने वाले इस राष्ट्रीय अभियान को बिहार के प्रत्येक गांव और पंचायत स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुँचाने के लिए कृषि विभाग ने अपनी सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।


विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की दूरदर्शी सोच के अनुरूप, बिहार में इस अभियान को मात्र एक प्रशासनिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक बड़ा सामाजिक और आर्थिक जन-आंदोलन बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस अभियान का मुख्य फोकस 'कम खाद, सही खाद और सही सलाह' के सिद्धांत को हर खेत तक पहुंचाना है, जिससे रासायनिक उर्वरकों के असंतुलित उपयोग को रोका जा सके और खेती की लागत में कमी आए।


अभियान के मुख्य स्तंभ और रणनीति:

मृदा स्वास्थ्य और संतुलित उर्वरक: अभियान के दौरान राज्यभर में मिट्टी की जाँच (Soil Testing) पर विशेष बल दिया जाएगा। किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड के आधार पर ही संतुलित उर्वरक डालने के लिए प्रेरित किया जाएगा। साथ ही हरी खाद, जैविक खेती और बायो-प्रोडक्ट्स के उपयोग को बड़े पैमाने पर बढ़ावा दिया जाएगा।

बदलते मौसम में 'सटीक सलाह': जलवायु परिवर्तन को देखते हुए कृषि वैज्ञानिक सीधे खेतों पर जाकर व्यावहारिक सलाह देंगे। कम पानी वाली फसलों, फसल विविधीकरण (Crop Diversification) और जोखिम प्रबंधन के आधुनिक तरीकों की लाइव जानकारी दी जाएगी।

त्रिस्तरीय समन्वय: पंचायत से राज्य स्तर तक व्यापक समन्वय स्थापित किया गया है। कृषि मंत्री ने सांसदों, विधायकों, मुखिया और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से गांवों में चौपाल लगाकर इस अभियान को नेतृत्व प्रदान करने की अपील की है।

योजनाओं का ऑन-स्पॉट लाभ: अभियान के दौरान किसान क्रेडिट कार्ड (KCC), पीएम-किसान सम्मान निधि से वंचित रह गए पात्र किसानों को जोड़ने, राष्ट्रीय दलहन-तिलहन मिशन और कृषि यंत्रीकरण (मशीनरी) योजनाओं का लाभ सीधे गांव के स्तर पर सुलभ कराया जाएगा।


वैज्ञानिकों और विशेष टीमों का राज्यव्यापी नेटवर्क तैयार

कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने जानकारी दी कि बिहार के सभी जिलों के लिए विशेष टीमों का गठन पूरा हो चुका है। इनमें कृषि विज्ञान केंद्रों (KVK), आईसीएआर (ICAR) संस्थानों के वैज्ञानिक और कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। जिन जिलों या ब्लॉकों में रासायनिक खादों का उपयोग औसत से अधिक है, वहां के लिए विशेष 'बहुविषयक टीमें' (Multidisciplinary Teams) कल (1 जून) से ही मैदान में मोर्चा संभाल लेंगी।


माननीय कृषि मंत्री ने कहा कि "खेत सुरक्षित रहेगा, तभी हमारा किसान समृद्ध होगा और तभी बिहार आत्मनिर्भर बनेगा। 'खेत बचाओ अभियान' के जरिए हमारी सरकार 'प्रयोगशाला से खेत तक' (Lab to Land) के संकल्प को साकार करने जा रही है। मैं बिहार के सभी परिश्रमी किसान भाइयों-बहनों से अपील करता हूँ कि वे कल से शुरू हो रहे इस अभियान से जुड़ें, वैज्ञानिकों की सलाह अपनाएं और खाद की लागत घटाएं।"