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पटना से दबोचा गया शातिर जालसाज: कभी चीफ जस्टिस तो कभी खुद को बताया ED का डायरेक्टर, DM से लेकर DGP तक को दिया झांसा

Bihar Crime News: पटना में खुद को ED निदेशक बताकर DM को धमकाने वाला शातिर जालसाज STF ने गिरफ्तार किया है. शातिर जालसाज पहले भी बड़े अधिकारियों को निशाना बना चुका है.

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated May 01, 2026, 2:54:43 PM

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प्रतिकात्मक तस्वीर - फ़ोटो Google

Bihar Crime News: बिहार की राजधानी पटना से जालसाजी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने एक ऐसे शातिर ठग को गिरफ्तार किया है, जो खुद को प्रवर्तन निदेशालय (ED) का निदेशक बताकर बड़े अधिकारियों पर दबाव बनाता था। आरोपी की पहचान अभिषेक भोपालका उर्फ अभिषेक अग्रवाल के रूप में हुई है।


जानकारी के अनुसार, आरोपी ने हाल ही में भोजपुर के जिलाधिकारी तनय सुल्तानिया को व्हाट्सएप कॉल कर खुद को दिल्ली में तैनात ईडी का वरिष्ठ अधिकारी बताया और एक विशेष प्रशासनिक कार्य कराने के लिए दबाव बनाने लगा। उसकी बातचीत के लहजे पर संदेह होने पर डीएम ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस अधीक्षक को दी।


तकनीकी जांच के दौरान भोजपुर पुलिस को पता चला कि कॉल करने वाला कोई सरकारी अधिकारी नहीं, बल्कि एक पेशेवर जालसाज है। इसके बाद भोजपुर पुलिस और पटना एसटीएफ की टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए जाल बिछाया और आरोपी को बुद्धा कॉलोनी थाना क्षेत्र के परमानंद राय पथ से गिरफ्तार कर लिया।


गिरफ्तारी के समय आरोपी के पास से 2.61 लाख रुपये नकद और वारदात में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन बरामद किया गया। बताया जा रहा है कि आरोपी का परिवार पटना में टाइल्स और मार्बल का बड़ा व्यवसाय करता है, लेकिन वह खुद ऊंचे पद का झांसा देकर अधिकारियों को ठगने का काम करता था।


जांच में यह भी सामने आया है कि अभिषेक अग्रवाल का आपराधिक इतिहास पुराना है। वर्ष 2022 में उसने खुद को पटना हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस बताकर तत्कालीन डीजीपी एस.के. सिंघल को फोन किया था और एक आईपीएस अधिकारी की पैरवी करने की कोशिश की थी। उस मामले में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था।


जेल से बाहर आने के बाद उसने फिर से ठगी का नया तरीका अपनाया और इस बार ईडी निदेशक बनकर अधिकारियों को निशाना बनाने लगा। इस संबंध में भोजपुर जिला प्रशासन और नवादा थाना में केस दर्ज की गई है। फिलहाल एसटीएफ इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी ने अन्य अधिकारियों या विभागों से भी इसी तरीके से उगाही की है या नहीं।