MUZAFFARPUR: मुजफ्फरपुर जिले में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान में मुजफ्फरपुर पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। एसएसपी (SSP) कांतेश कुमार मिश्रा के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने राहगीरों को लिफ्ट देने के बहाने गाड़ी में बैठाकर लूटपाट करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में संलिप्त दो मुख्य अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
क्या है पूरा मामला
यह घटना इसी वर्ष 16 जनवरी की है, जब मुजफ्फरपुर रेलवे स्टेशन पर उतरे एक यात्री को अज्ञात अपराधियों ने अपनी कार में लिफ्ट देने का झांसा दिया। गाड़ी में बैठाने के बाद, अपराधियों ने 'पुलिस चेकिंग' का डर दिखाकर पीड़ित को धमकाया और उसे रास्ते में उतार दिया। इस दौरान उन्होंने पीड़ित का मोबाइल, पर्स, एटीएम कार्ड और लगभग 80,000 रुपये नकद लूट लिए। अपराधियों का दुस्साहस यहीं नहीं रुका; अगले ही दिन यानी 17 जनवरी को उन्होंने पीड़ित के लूटे गए एटीएम कार्ड का उपयोग कर खाते से 2,30,000 रुपये और निकाल लिए।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
घटना की गंभीरता को देखते हुए काजीमोहम्मदपुर थाना में कांड संख्या 27/26 दर्ज किया गया था। एसएसपी के मार्गदर्शन में तकनीकी और अन्य साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया। गुप्त सूचना और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर, पुलिस ने 23 मार्च 2026 को छापेमारी कर दो फरार अभियुक्तों को धर दबोचा। गिरफ्तार अपराधियों की पहचान निम्नलिखित रूप में हुई है: 1. विनायक कुमार (थाना–गायघाट, जिला–मुजफ्फरपुर), 2. शिवम कुमार (थाना–अहियापुर, जिला–मुजफ्फरपुर)
पूछताछ में कबूला जुर्म
पुलिस हिरासत में हुई पूछताछ के दौरान दोनों अभियुक्तों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। उन्होंने बताया कि वे स्टेशन और बस स्टैंड के आसपास भोले-भाले यात्रियों को निशाना बनाते थे। पुलिस अब उनके अन्य साथियों और उनके आपराधिक इतिहास (Criminal History) का पता लगा रही है। गिरफ्तार अभियुक्तों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। मुजफ्फरपुर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अनजान लोगों से लिफ्ट न लें और यात्रा के दौरान सतर्क रहें।





